OSHO की दुनिया - Vinod Khanna ने OSHO से क्या सीखा Vinod Khanna  अपने समय के प्रसिद्ध अभिनेता थे. विनोद हमारे बीच नही रहे पर अपनीं Films के द्वारा हम सबके के दिलों-दिमाग में हम्रेशा छाए रहेंगे. फिल्म में उनका अच्छा काम हमेशा हम सबके बीच मौजूद हैं और रहेंगा. लेकिन, जब विनोद खन्ना अपने फिल्मी करियर के शिखर पे थे. उन्होंने अपनी Filmy career से सन्यास ले लिया. इसके साथ-साथ उन्होंने अपनी पत्नी को तलाक भी दिया. दरअसल, विनोद रजनीश OSHO की छाव में चले गये थे. उनका जीवन उतार-चढ़ाव से भरा था. इसी बीच विनोद की मां का देहांत हो गया.

OSHO  के कपड़ो के साथ ही जूंठे बर्तनों को भी धोया हैं

Vinod Khanna इससे बहुत दुखी हुए. विनोद खन्ना OSHO  के संपर्क मे आये. वह पुणे में OSHO आश्रम मे जाया करते थे.विनोद OSHO के साथ अमेरिका भी गए. उन्होंने OSHO आश्रम में समय व्यतीत किया. जब सफलता उन्हें प्राप्त नहीं हो रहीं थी तो OSHO की शरण से उन्होंने अपने आप को खुश रखा. OSHO ने उन्हें विनोद भारती के रूप में नया नाम दिया था. इसके बाद विनोद ने OSHO आश्रम मे माली भी बने. उन्होंने पूरी तरह से आध्यात्मिकता तब्दील हो चुके थे. उन्होंने OSHO  के कपड़ो के साथ ही जुठे  बर्तनों को भी धोया हैं.

विनोद अमेरिका  में OSHO Commune को स्थापित करने के लिए गए थे. विनोद को OSHO के आश्रम में निजी माली का पद दिया गया था. विनोद चार वर्षों की अवधि के लिए वहां खर्च करते हैं। OSHO का विश्व क्या बहुत सुंदर है? बल्कि आप जो भी करना चाहते हैं, उसके लिए OSHO की दुनिया मे  स्वतंत्र तरीके से करे. यह ऐसा कुछ हैं . Carrer को छोड़कर और आध्यात्मिक की दुनिया मे शामिल होना अपनें आप में संदेहास्पद है. क्यों विनोद अपने करियर के शुरुआती दिनों में आध्यात्मिकता में शामिल नहीं हुए थे?.

या, विनोद इस तरह के दर्द में चले गए कि उन्हें कुछ चाहिए जो उन्हें व्यस्त कर सके. Source के मुताबिक OSHO मे ऐसा क्या  था?. हो सकता है कि उसे कुछ ऐसा ज्ञान हो जो किसी के पास ना हों. जिस तरह से OSHO ने आध्यात्मिक को जिस दृष्टिकोण को देखा, वह अद्वितीय था. यही कारण है कि लोग आजकल भी OSHO के दिए तरीके का पालन करते हैं.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here