पासपोर्ट बनवाना अब और आसान हुआ जानिए क्या हैं नए नियम

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अगर पासपोर्ट बनवाने में होने वाली कठीनाईयो की वजह से आप पासपोर्ट नहीं बनवा रहे थे तो अब मुस्कुराइए. पासपोर्ट बनवाना अब आसान हुआ. भारत की केंद्रीय विदेश मंत्री श्री मति सुषमा स्वराज की पहल पर विदेश मंत्रालय ने नए पासपोर्ट नियम जारी किये हैं. अब आप को लम्बी प्रतीक्षा के दौर से राहत मिल सकेगी.  नए सुधार में यह सुनिश्चित किया गया है कि पहले की तरह आवेदक को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े और प्रक्रिया सरल होगी.

जहाँ पहले पासपोर्ट बनाने के लिये डॉक्यूमेंटस का बण्डल लगाना पड़ता था.  अब वही केवल चार डाक्यूमेंट्स से भी काम चल जाएगा. सब डाक्यूमेंट्स ठीक प्रकार से लगाए गए है तो बहूत संभव है की पुलिस वेरिफिकेशन के पहले ही आपको पासपोर्ट प्राप्त मिल जाये. पासपोर्ट बनवाना अब इतना आसान हुआ है की संभव है की पासपोर्ट आपको एक हफ्ते के पहले ही प्राप्त हो जाये.

पासपोर्ट एक्ट १९६७ के ५० वर्ष पुरे हो जाने वाले दिन श्री मति सुषमा स्वराज जी ने घोषणा की है की अब पासपोर्ट दो भाषा में तैयार किये जायेंगे. अब उन लोगो के लिये इसमे आसानी होगी जो अंग्रेजी भाषा में थोड़ा कम ज्ञान रखते है.

पासपोर्ट बनवाना अब आसान कैसे हम एक एक करके पुराने एवं नए नीयमो की तुलना करेंगे जिससे हमें समझने में आसानी होगी.

जन्म प्रमाण पत्र का पुराना नियम:

पुराना नियम – पहले यह नियम था की जो लोग २६ जनवरी १९८९ या उसके बाद में पैदा हुए है उन्हें जन्म के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत थी.

नया नियम

  • नगर निगम या जन्म व मृत्यु के रजिस्ट्रार या किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र जिन्हें जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, १९६९ के तहत ऐसा करने की शक्ति प्राप्त हो.
  • मैट्रीक्यूलेशन प्रमाण पत्र / ट्रांस्फर प्रमाण पत्र / स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, जहां उचित तरह से DOB दर्ज की गयी हो जो पिछले स्कूल द्वारा जारी किया गया हो, जिसे प्रतिष्ठित बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त है.
  • आयकर विभाग द्वारा जारी उचित DOB के साथ पैन कार्ड.
  • आधार कार्ड / ई आधार कार्ड DOB के साथ.
  • गवर्नमेंट एम्प्लाइज के लिये DOB के यह नियम है.

वर्तमान एम्प्लाइज के लिये:

  • व्यक्ति की सेवा रिकॉर्ड के उद्धरण की प्रतिलिपि.

सेवानिवृत्त कार्मिक:

  • भुगतान पेंशन ऑर्डर में वर्णीत DOB.  विभाग या मंत्रालय के प्रभारी प्रशासन द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित और अधिकृत दोनों प्रमाण पत्र.
  • राज्य के परिवहन विभाग द्वारा DOB के साथ जारी ड्राइविंग लाइसेंस.
  • भारतीय चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए चुनाव फोटो पहचान पत्र / मतदाता कार्ड जिसमे व्यक्ति की DOB दर्ज है.
  • सार्वजनिक जीवन बीमा निगमों या कम्पनीज द्वारा जारी पॉलिसी बांड जिसमे DOB का उल्लेख हो.

माता और पिता का नाम

पुराने नियम: पिता और माता दोनों के नाम आवेदन करते समय अनिवार्य हैं.

नया नियम: कोई भी व्यक्ति, ऑनलाइन पासपोर्ट आवेदन का फार्म भर सकता है जिसमें पिता / माता / कानूनी अभिभावक के नाम उल्लेखित हो. केवल एक नाम का उल्लेख स्वीकार्य है.

एकल माता-पिता के बच्चों के लिए पासपोर्ट पुराने नियम:

आवेदन करते समय पिता और माता दोनों के नाम दर्ज होना अनिवार्य हैं और दोनों के नाम पासपोर्ट पर मुद्रित होंगे.

नया नियम: एकल माता पिता के लिए अपने बच्चों के पासपोर्ट के लिये आवेदन करने का आसान ऑनलाइन फॉर्म आप्शन उपलब्ध है.  एकल माता पिता पासपोर्ट पर पिता या माता के नाम की छपाई न करने का अनुरोध कर सकते हैं.

भारतीय पासपोर्ट के लिए अनुलग्नकों की संख्या

पुराना नियम: पासपोर्ट नियम, 1980 के तहत निर्धारित 15 अनुलग्नक भरे जाने होते है.

नया नियम: अब कुछ अनुलग्नक विलय कर दिए हैं, ए, सी, डी, ई, जे, और के को हटाकर अनुलग्नक की संख्या घटा कर ९ कर दी है. भारतीय पासपोर्ट के लिए अनुलग्नकों का सत्यापन पुराना नियम: पासपोर्ट नियम, १९८० के तहत निर्धारित सभी अनुलग्नकों को नोटरी / प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट / कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा प्रमाणित कर फ़ाइल करना अनिवार्य था. नया नियम: सभी अनुलग्नकों को सादे कागज पर आत्म-घोषित किया जा सकता है.

पासपोर्ट भरने के लिए विवाह प्रमाण पत्र

पुराना नियम: भारतीय पासपोर्ट के लिये अनुलग्नक ए या विवाह प्रमाणपत्र आवश्यक है.

नया नियम: ऐसा आवश्यक नहीं है. विवाहित जोड़ा विवाह प्रमाण पत्र के बिना भारतीय पासपोर्ट के लिए फाइल कर सकता हैं.

तलाकशुदा या पृथक व्यक्तियों के लिए भरने वाला भारतीय पासपोर्ट

पुराना नियम: तलाकशुदा व्यक्ति के दाखिल करने के मामले में तलाक के डिक्री की आवश्यकता होती है. तलाकशुदा व्यक्ति के मामले में पति पत्नी के नामों का उल्लेख करना जरूरी है.

नया नियम: किसी अलगह हुए या तलाकशुदा व्यक्ति के पति या पत्नी के नाम के बिना पासपोर्ट फाइल किया जा सकता है.  तलाक की डिक्री की आवश्यकता ख़त्म कर दी गयी है.

अन्य नियम

तलाकशुदा या पृथक व्यक्तियों के लिए भरने वाला भारतीय पासपोर्ट बनवाना

नया नियम: किसी अलग या तलाकशुदा व्यक्ति के पति या पत्नी के नाम के बिना पासपोर्ट आवेदन दर्ज किया जा सकता है. तलाक की डिक्री की आवश्यक नहीं है.

अनाथ बच्चों के लिए भारतीय पासपोर्ट बनवाना

नया नियम: अनाथालय के प्रमुख द्वारा अनाथों के लेटरहेड पर अनाथ बच्चे के जन्म की तारीख को घोषित करने वाला एक पत्र, जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार्य होगा.

दत्तक बच्चों के लिए भारतीय पासपोर्ट बनवाना

नया नियम: भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के लिए गोद लेने की पुष्टि करने वाले सादे कागज पर स्वयं-घोषणा ही केवल आवश्यक है

साधु और संन्यासी के लिए भारतीय पासपोर्ट बनवाना

नया नियम: यदि कोई भी साधु या संन्यासी अपने जैविक माता-पिता के बदले अपने गुरु के नाम का उल्लेख करना चाहते हैं, तो उन्हें आधार कार्ड, चुनाव फोटो पहचान पत्र, पैन कार्ड आदि में से कम से कम एक दस्तावेज पेश करना होगा. माता-पिता के नामो के शीर्ष के तहत गुरु का नाम देना वास्तव में एक आम आदमी के जीवन को आसान बनाने के लिए एक प्रशंसनीय कदम है.

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