भारत के एफएमसीजी मार्केट में हर्बल और आयुर्वेदिक प्रोडक्‍ट्स के बल पर तेजी से अपनी पकड़ मजबूत बनाने वाली बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि को अब 100 साल पुरानी आयुर्वेद जायंट कंपनी चुनौती देने आ गई है। दरअसल, आयुर्वेद जायंट बैधनाथ ने अपने 100 साल पूरे कर लिए है और कंपनी अब हेल्‍थ से जुड़े एफएमसीजी प्रोडक्‍ट्स में कदम रखने जा रही है। आयुर्वेद जायंट बैधनाथ नेचुरल जूस, टूथपेस्‍ट, मसाले समेत कई तरह के हर्बल प्रोडक्‍ट उतारने जा रही है।

बैधनाथ का टूथपेस्‍ट का मुकाबला आयुर्वेद मार्केट में पहले से अपने पैर जमा चुकी पतंजलि की दंतकांति और कोलगेट के वेदशक्ति से है। पतंजलि आयुर्वेद ने दंतकांति की सेल से वित्‍त वर्ष 2017 में 940 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया था। पतंजलि दंतकांति के चलते ही टूथपेस्ट मार्केट की दिग्गज कंपनियों कोलगेट और डाबर का शेयर 2016 में 57.4 फीसदी से घटकर 55.6 फीसदी पर आ गया।

नेचुरल, ऑर्गेनिक आयुर्वेदिक मार्केट पर है फोकस

भारत में तेजी से कंज्‍यूमर का फोकस नेचुरल, आर्गेनिक और आयुर्वेदिक प्रोडक्‍ट्स पर शिफ्ट हो रहा है। खासकर युवाओं के बीच आयुर्वेदिक प्रोडक्‍ट्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। युवा इन प्रोडक्‍ट्स को तरजीह दे रहे हैं। आयुर्वेद जायंट बैधनाथ का कहना है कि वह 100 साल पुरानी कंपनी है और 700 फॉर्मूलेशन के साथ आयुर्वेदिक प्रोडक्‍ट्स के सबसे बड़ी उत्‍पादक है। इसे देखते हुए कंपनी ने एफएमसीजी मार्केट में कदम रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही कंपनी ने दिल्‍ली में अपना पहला स्‍टोर भी खोला है।

1 लाख से ज्‍यादा हैं रिटेल आउटलेट

बैधनाथ आयुर्वेद के एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर अनुराग शर्मा का कहना है कि आज, आयुर्वेद जायंट बैधनाथ आयुर्वेदिक प्रोडक्‍ट्स की सबसे बड़ी प्रोड्यूसर है। उसके प्रोडक्‍ट 1 लाख से ज्‍यादा रिटेल आउटलेट के जरिए बेचे जाते हैं। करीब 50 हजार प्रैक्टिशनर्स को वह कैटर करता है। दशकों पुराने अनुभव, आधुनिक इन्‍फ्रा, एडवांस टेक्‍नोलॉजी और युवाओं का नेचुरल आर्गेनिक और आयुर्वेदिक प्रोडक्‍ट पर शिफ्ट होते रुझान को देखते हुए हमने एफएमसीजी सेगमेंट में कदम रखने का फैसला किया।

15 हजार करोड़ का है मार्केट

देश में ओरल केयर का बाजार करीब 15 हजार करोड़ रुपए का है, जिसमें टूथपेस्ट अकेले 7000 करोड़ रुपए का योगदान करना है। टूथपेस्ट के इस बाजार में कॉलगोट पॉलमोलिव की हिस्‍सेदारी करीब 55 फीसदी है। बाजार के जानकारो की मानें तो पतंजलि की हिस्सेदारी 8 फीसदी से जयादा हो गई है।

1917 से बिजनेस कर रही है बैधनाथ

बैधनाथ की स्‍थापना 1917 में हुई थी। प्राचीन जानकारियों का मॉडर्न रिसर्च और मैन्‍युफैक्‍चरिंग तकनीक के तालमेल के साथ वह आयुर्वेदिक प्रोडक्‍ट्स बनाने वाली एक अग्रणी कंपनी है।

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