"<yoastmarkPatent वह व्यवस्था है जिसके तहत किसी भी नई खोज से बनने वाले Product पर Inventor को एकाधिकार दिया जाता है. यह अधिकार खोज करने वाले व्यक्ति (Inventor यानी आविष्कारक) को सरकार द्वारा दिया जाता है. इसके बाद एक निश्चित समय तक न तो कोई उस उत्पाद को बना सकता है और न ही बेच सकता है. अगर बनाना चाहे, तो उसे लाइसेंस लेना पड़ेगा और Royalty देनी होगी. विश्व व्यापार संगठन ने Patent की अवधि 20 साल तय कर रखी है.

Entrepreneur की सीढ़ियां चढ़ते वक्त ये कभी न भूलना कि जो आईडिया आपके दिमाग में आया हैं, वो किसी और के दिमाग में भी आ सकता है लेकिन आइडिया माना उसी का जाता है जो उसे officially register करवा दे. आइडिया (invention) को दर्ज कराने के इस process को ही Patent का नाम दिया जाता है. किसी Idea का Patent ही उससे होने वाली कमाई को आपकी जेब तक पहुंचाएगा.

Patent हासिल करने वाला व्यक्ति (Product Inventor) अपना यह अधिकार बेच या ट्रांसफर कर सकता है. इसके अलावा प्रोसेस Patent भी होता है, जिसका संबंध नई तकनीक या किसी उत्पाद को बनाने वाली विधि से है. मतलब किसी नई विधि (process to develop a Product) पर भी Patent लिया जा सकता है. लेकिन Patent का ये आदेश जिस देश में जारी किया जाता है, उसकी सीमाओं के भीतर ही उसे लागू माना जाता है.

Patent तीन प्रकार के होते हैं :-

  • Utility Patent: ये Useful Process, मशीन, Product का कच्चा माल, किसी Product का कंपोजिशन या इनमें से किसी में भी सुधार को सुरक्षित करता है। उदाहरण:- फाइबर ऑप्टिक्स, कंप्यूटर हार्डवेयर, दवाइयां आदि.
  • Design Patent: ये Product के नए, Original और Design के गैर कानूनी इस्तेमाल को रोकता है। जैसे कि किसी एथलेटिक शूज का डिजाइन, बाइक का हेलमेट या कोई कार्टून कैरेक्टर, सभी Design Patent से प्रोटेक्ट किए जाते हैं.
  • इसके जरिए नए तरीकों से तैयार की गई पेड़-पौधों की Variety को प्रोटेक्ट किया जाता है। हाइब्रिड गुलाब, सिल्वर क्वीन भुट्टा और बेटर बॉय टमाटर आदि प्लांट Patent के उदाहरण हैं. यहां गौर करने वाली बात ये है कि आप किसी आविष्कार के अलग-अलग पहलुओं के लिए यूटिलिटी और डिजाइन दोनों तरह के Patent फाइल कर सकते हैं अथार्थ के ही Product को दो प्रकार से Patent करवा सकते हैं.

Patent के लिए जरुरी शर्तें

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पेटेंट उस व्यक्ति को दिया जाता है जिसने नया औऱ उपयोगी चीज का आविष्कार किया है या मौजूदा वस्तु में सुधार किया या वस्तु की नई प्रक्रिया का आविष्कार किया है.

1-Patent किसी वैज्ञानिक उत्पाद या प्रक्रिया के सृजक को मिलने वाला अधिकार है , लेकिन Patent का अधिकार कॉपीराइट की तरह स्वयं ही नहीं मिल जाता है, बल्कि इसके लिए सरकार के पास आवेदन करना होता है.

2-Patent लेने के लिए Patent कार्यालय को उस वस्तु या पद्धति की मौलिकता  तथा औद्योगिक उपयोगिता के बारे में आश्वस्त भी कराना होता है.

3-एक आविष्कार के दो या दो से अधिक आविष्कारकों को संयुक्त रुप से  Patent का अधिकार मिलता है.

4-अगर आविष्कारकों में से एक ने आविष्कार के सभी विचार दिए हैं , और दूसरे ने इसे तैयार करने में सिर्फ निर्देशों का पालन किया है, तो वह व्यक्ति जिसने विचार देकर अपना योगदान दिया है , वह एकमात्र आविष्कारक है. Patent आवेदन औऱ Patent में सिर्फ उसका नाम होगा.

5-आप अपने आविष्कार का लाइसेंस अपनी इच्छा से अनेक कंपनियों को दे सकते हैं.

इनका Patent नहीं किया जा सकता

  • प्रकृति के नियम (हवा और गुरुत्वाकर्षण)
  • नेचरल चीजें (मिट्टी, पानी)
  • भाववाचक (Abstract) आइडिया (मैथमेटिक्स, कोई फिलॉसफी )

इनका Patent किया जा सकता हैं

  • ऐसा आविष्कार जो अनोखा या नया हो
  • आविष्कार जो सबसे अलग (Unique): इसका मतलब है कि आविष्कार पूरी तरह से अलग होना चाहिए। उदाहरण के तौर पर, किसी दवा के किसी तत्व या आकार में बदलाव करके Patent नहीं कराया जा सकता। Patent हासिल करने के लिए आपका आष्किार पूरी तरह से नया होना चाहिए, जो पहले कभी नहीं बना.
  • ऐसा आविष्कार जो यूजफुल हों। आपका गैजट काम का होना चाहिए और कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा करता हो और जो दावे किए गए हों उन पर यह Practically खरा उतरता हो.

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