PNB ने 1,300 करोड़ रुपये के अतिरिक्त धोखाधड़ी का खुलासा किया PNB ने अरबपति Nirav Modi और Mehul Chauksi द्वारा घोटाले के बाद एक और अनिधिकृत Transcation का खुलासा किया है, जिसमे उनके द्वारा 1322 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का अनुमान हैं. जिससे घोटाला और बढ़ गया हैं. इस वृद्धि का मतलब है कि कुल धोखाधड़ी अब करीब 12622 करोड़ रुपये हो गयी हैं. पहले के अनुमान के मुताबिक धोखाधड़ी लगभग 11,300  करोड़ रूपये थी. अतिरिक्त अनधिकृत लेन-देन का मूल्य लगभग 1320 करोड़ हैं. जो की वर्ष 2017 की PNB की पूरी शुद्ध आय के बराबर है. यह इसलिए, सरकार अब भी निरव मोदी और मेहुल चौकी खोज रही है, क्या वे मिल नही पा रहे , या क्या वे धोखाधड़ी होने की और संभावनाएं दे रहे हैं ?.

खुलासा सोमवार की रात देर से विनिमय करने के लिए बनाया गया था. Overseas बैंक की Branches द्वारा सूचित किए जाने के बाद LoU का पहला पत्र पता चला था, जिसने हालिया धोखाधड़ी के प्रकाश में थिएर पोर्टोफोलियो को देखा था. पंजाब नेशनल बैंक ने एक रात भर में स्टॉक एक्सचेंजों में कहा “हमें सूचित करना होगा कि रिपोर्ट किए गए अनधिकृत लेनदेन की मात्रा $204 मिलियन से बढ़ सकती है”. PNB मीडिया Reports का खंडन करते हुए कहा  कि उसे सरकार द्वारा धोखाधड़ी का भुगतान करने के लिए नही कहा गया हैं . किसी भी आधिकारिक Officer के बिना LoU को कैसे ले जाया गया? क्या यह धन की सुरक्षा है?. जिस बैंक  के बारे में बात करते हैं, घर में पैसे सुरक्षित हैं या Banks में सुरक्षित है?.

Nirav Modi और Mehul chauksi ने LoU  को Fraud तरीके से  निकालने की वजह से अनिधिकृत Transcation कहा गया

Nirav Modi और Mehul chauksi ने LoU  को Fraud तरीके से  निकालने की वजह से अनिधिकृत Transaction कहा गया. 14 फरवरी को बैंक ने सबसे पहले अनधिकृत तरीके से पत्र निकालने  की घोषणा की थी. इन गारंटियों के खिलाफ, भारतीय बैंक ने विदेशी Branches को  निरव मोदी और गीतांजली समूह से जुड़े आपूर्तिकर्ताओं को ऋण दिया है. यदि धोखाधड़ी एक बार हुई, ठीक हो तो इसमें कुछ लोग शामिल हो सकते हैं. लेकिन अगर बार-बार ऐसा होता है तो सभी लोगों या सभी को दोषी कैसे मान  सकते है? ऐसा है क्या?. सरकार इसके बारे में क्यों कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है?.

यह चिंता का सवाल भी है कि ये कैसे होने दिया जा रहा हैं? इसमें भागीदारी बहुत बड़ी और विशाल है. लेकिन क्या यह धोखाधड़ी को साफ करने की सरकार है? दिन-बा-दिन बढ़ोतरी होती जा रही हैं . यदि यह बढ़ रहा है तो सरकार को ही  यह सवाल भी पूछा जाना चाहिए इसे रोक क्यों नहीं रही हैं  सरकार?.

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