रात में कितने बजे के बाद टीटीई नहीं कर सकते आपको डिस्टर्ब, जानें रेलवे के Rules क्या है?

यदि आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं तो ट्रेवल टिकट एग्जामिनर (TTE) आपको रात 10 बजे के बाद डिस्टर्ब नहीं कर सकते। टीटीई को सुबह 6 से रात 10 बजे के बीच ही टिकटों का वेरिफिकेशन करना जरूरी है। रात में सोने के बाद किसी भी पैसेंजर को डिस्टर्ब नहीं किया जा सकता। यह गाइडलाइन रेलवे बोर्ड की है। बोर्ड साउथर्न रेलवे के लिए सालभर पहले ही यह नियम लागू कर चुका है। रेलवे के रिजर्वेशन फॉर्म में दिव्यांगों और थर्ड जेंडर को पहचान देने के लिए कॉलम जोड़ा गया है। दिव्यांग यदि अकेला सफर करता है तो फॉर्म में वह इस बात का उल्लेख कर सकता है। इससे संबंधित दिव्यांग को लोअर बर्थ मिलेगी। वहीं कोई प्रेग्नेंट वुमन है तो वह भी रिजर्वेशन फॉर्म में इस ऑप्शन पर मार्क कर सकती है। इससे महिला को लोअर बर्थ मिलना कंफर्म हो जाता है।

शताब्दी और राजधानी के पैसेंजर्स को खाना लेने या नहीं लेने का ऑप्शन भी अब मिलेगा। इसके पहले इन ट्रेनों में पैसेंजर्स को खाने के लिए पैसा चुकाने ही होते थे. रिजर्वेशन होने के बाद भी यदि ट्रेन मिस हो जाती है तो टीटीई आपकी सीट अगले दो स्टेशन तक किसी को अलॉट नहीं कर सकता। दो स्टेशन के बाद आरएसी के यात्री को सीट दी जा सकती है। ट्रेन मिस हो गई तो आप टीडीआर फाइल कर सकते हैं। ऐसे में बेस फेयर का 50 परसेंट तक वापस मिल जाता है। इस खबर से लोगो की परेशानियां कम होंगी. लोगो को हमेसा ये तकलीफ रहती थी जब भी कोई सो रहा होता था TTE टिकट चेकिंग के लिए लोगो को उठाते थे.

जिससे लोगो को परेशनियों का सामना करना पड़ता था. ट्रेन में सफर के दौरान कई यात्रियों को इस बात की चिंता रहती है कि नींद लगने पर कहीं ऐसा न हो कि स्टेशन निकल जाए।

हालांकि अब आप रेलवे की वेकअप कॉल डेस्टिनेशन अलर्ट सर्विस का फायदा उठा सकते हैं। आपको सिर्फ 139 नंबर पर फोन करके वेकअप कॉल डेस्टिनेशन अलर्ट को एक्टिवेट करना होगा। स्टेशन आने पर रेलवे फोन करके जगा देगा। इस सेवा से लोग अपने घर और अपने स्टेशन पर उतर जाया करेंगे. रेलवे अपनी सुविधाओ को लेकर समर्थवान हो गया है.

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