रहस्यमयी खुनी झील : सच जिससे सभी है अज्ञात

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रहस्यमयी खुनी झील : सच जिससे सभी है अज्ञात
rahasayamayi khuni jheel

झील के नाम से सबके पहले जो बात दिमाग में आती है वो ये की झील कितना मनोरम होगा. झील का ठंडा शीतल पानी और मधुर आवाज में बहता पानी. खुनी झील से तात्पर्य क्या है क्या इस झील में पानी की जगह खून बहता है या कुछ और. ऐसी कोई बात नही लेकिन इतना जरुर है दुनियाँ में बहुत से ऐसे झील है जिनका रहस्य और इसके पीछे छिपा सच का पता आज भी लोगों को नही पता.

कहाँ है झील और क्या है रहस्य :-

ये झील स्थित है साउथ अफ्रीका के लिपोंपो प्रान्त में स्तिथ फुन्दुद्ज़ी झील. इस झील का रहस्य है की इस झील का पानी पीनेवाला कोई भी इंसान जीवित नही रहता. अगर बात करे क्या इस झील का जल प्रदूषित है ,जी नही ऐसा कुछ भी है. इस झील में नदी का पानी आता है जिसका नाम मुताली है,जिसका पानी बेहद स्वच्छ है. आखिर स्वच्छ है तो फिर क्यों इसका पानी पीने से लोगों की मृत्यु हो जाती है. अब बात करें क्या इससे जानने की कोशिश नही की गई,ऐसा किया गया पर कोई जान नही पाया.

रहस्यमयी खुनी झील : सच जिससे सभी है अज्ञात
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कितनी सारी कोशिशे की गई लेकिन हर कोशिशो के साथ कोई ना कोई दुर्घटना होती गई. शुरूआती दौर में इससे बस एकमात्र संयोग कह कर टाल दिया जाता,लेकिन हर हर अन्वेषक के साथ घटना होने पर हर अन्वेषक कोशिश करने से भी कतराने लगे. इस झील का निर्माण मोटरी नदी के पानी के बहाव को रोके जाने की वजह से हुआ था. वैसे तो इस झील को लेकर बहुत तरह की बाते कही जाती है. ऐसा भी कहा जाता है जब यहाँ से गुजर रहे कोड़ी को यहाँ पर जीवन बसर करने वाले वृंदा के लोगों ने भोजन और आश्रय देने से मना कर दिया था तब कोड़ी ने यहाँ के लोगों को श्राप दिया और झील के पानी में गायब हो जाने का श्राप दिया.

क्या होता है अभी वहां :-

वृंदा लोगों का आज भी कहना है सुबह-सुबह आज भी इस झील से लोगों के चीखने और चिल्लाने के साथ ही साथ ड्रम की आवाज आती है. ऐसा भी माना जाता है की इस झील की रक्षा पहाड़ो पर रहने वाला अजगर किया करता है. अजगर को खुश रखने के लिए आज भी वृंदा आदिवासी हर वर्ष नृत्य उत्सव का आयोजन करते हैं. इस नृत्य में कुवारी लड़कियाँ नृत्य करती हैं.

वृंदा आदिवासी इस झील में रहने वाले मगरमच्छ और जंगल को पवित्र मानते है. उनका मानना है की झील के भराव और इनका रंग उनके पूर्वजों के गुस्से और आनेवाली बरसात का संकेत देते हैं. अंतिम घटना की बात करें तो लेविन नाम के साहसिक वैज्ञानिक के दिमाग में ये धुन स्वर हो गई की वो इस झील के जल का रासयिनिक विश्लेषण करेंगे. जब ये बात लेविन के परिवारवालों,दोस्तों को पता लगी तो उन्होने लेविन को ऐसा करने से रोका.

कैसे लेविन बड़े आगे:-

लेविन नही माने और अपने दोस्तों के साथ चल पड़े. लेविन ने जानकारी लेने के लिए स्थानीय कबीलों से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन पेंदुजी झील का नाम सुनते ही सबने सहायता करने से साफ़ मना कर दिया. लोगों ने तो लेविन को उस झील का रास्ता बताने तक को राजी नही हुए. जब लेविन और उनके मित्र आगे बढ़ गए फिर कबिले के मुखिया ने ऐसा करने से मना किया. लेविन नही माने जब लेविन जब झील के पास पहुंचे तो रात हो चुकी थी.

रहस्यमयी खुनी झील : सच जिससे सभी है अज्ञात
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दोनों ने मिलकर रात्रि व्यतीत की. जैसे ही सवेरा हुआ अपने लायी 7 बोतलों पे जल भरने लगे. जल का रंग गहरा मट मैले रंग का था. लेविन ने जल की एक बूंद जीभ पर डाली. लेविन को स्वाद विचित्र सा लगा. पानी लेने के बाद लेविन ने आस-पास के पौधों को भी एकत्रित किया,फिर उन्हें ले जाने के लिए सुरक्षित रख लिया. जब लेविन वापस लौट रहे थे तो उनके साथ अजीबोगरीब घटनाएँ होने लगी. लेविन को उत्तर से पूर्व मार्ग में आगे बढ़ना था जिससे वो आए थे.

 लेविन कैसे बचकर निकले :-

लेविन उस दिशा में ना जाकर जाकर पश्चिम दिशा की तरफ चल पड़े. आधा से अधिक रास्ता खत्म होने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ की वो गलत दिशा में आगे बढ़ रहे है. झील के पास फिर से आए और पूर्व की तरफ चलने लगे. ऐसा करने पर रात आ गई और वो दोनों एक स्थान पर रुक गए. सुबह होने पर दोनों चल पड़े,फिर उन्हें ऐसा लगा की वो गलत रास्ते पर जा रहे है वो दोनों फिर झील पर वापस आए. उनदोनों ने अधिक सावधानी बरतते हुए पूर्व की मार्ग में आगे बढ़े.

किन्तु नतीजा वही निकला लेविन और उनके साथी फिर भटक गए. इस बार लेविन और उनके साथी गलती नही करना चाहते थे. पानी की बोतले फेंकी पौधों को वही छोड़ा और घर की तरफ चल पड़े ,इसबार सफलता पूर्वक घर पहुंच गए. घर पहुँचने के बाद उनकी तबियत ख़राब हो गई. लगभग एक सप्ताह अस्पताल में रहने के बाद उनकी मृत्यु हो गई. लेविन का मित्र भी कार दुर्घटना में मारा गया. ये झील से जुड़ी 13वी घटना है. इससे पहले भी 12 घटनाएँ हो चुकी है. इस झील में ऐसा क्या है अबतक ऐसा कोई नही जान पाया.

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