सलमान खान नरेन्द्र मोदी और जफर सरेशवाला – क्या कनेक्शन है इन तीनो के बीच

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सलमान खान नरेन्द्र मोदी और जफर सरेशवाला - क्या कनेक्शन है इन तीनो के बीच
सलमान खान नरेन्द्र मोदी और जफर सरेशवाला - क्या कनेक्शन है इन तीनो के बीच

आज से 4 साल पहले 4 जनवरी 2014 को अहमदाबाद में एक ख़ास कार्यक्रम के चलते गुजरात के मुख्यमंत्री और अब देश के पीएम् नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में भाग लिया यह कार्यक्रम था पतंगबाजी का जिसमे कई बड़ी बड़ी हस्तियों ने  मोदी जी के साथ इस पतंगबाजी में भाग लिया तो एक और बड़ा नाम सामने आया जो थे सलमान खान जो इस पतंगबाजी में मोदी के साथ पतंग उड़ाने पहुंचे सलमान ने उस दिन न केवल मोदी के साथ पतंग  उड़ाई, बल्कि लंच भी साथ किया.

यह कार्यक्रम में दोनों की मुलाकात के पीछे जिस व्यक्ति का हाथ था वो थे जफ़र सरेशवाला जिनके चलते मोदी और सलमान की दोस्‍त बने. जफ़र सरेशवाला नामी बिजनेसमैन हैं जो की अहमदाबाद में रहते हैं. वे सलमान के पिता के काफी करीबी भी हैं. और सलमान खान से भी उनकी काफी अच्छी दोस्ती है. और मोदी के भी बहुत ख़ास लोगों में एक माना जाता है. इनको मोदी जी का राजदार भी कहा जाता है. आइये जाने मोदी जी  सलमान खान  और जफ़र सरेशवाला के बीच इस सम्बन्ध के बारें में.

 जफ़र सरेशवाला हैं कौन

जफ़र सरेशवाला एक गुजराती मुसलमान हैं ये मुस्लिमों के बोहरा समुदाय से हैं और ये अहमदाबाद के रहने वाले है,  लंबी दाढ़ी बिलकुल हाजियों की तरह, बड़ी बड़ी आखें और शांत पर अपनी बात कहने में ना चुकने वाले जफ़र सरेशवाला उनका परिवार करीब 300 सालों से अहमदाबाद शहर में रहता आया है, वे ट्रेवेल और  फाइनेंशियल सर्विस के कारोबारी हैं. उनकी कंपनी का नाम पारसोली कॉर्प है, जो भारत में इस्‍लामिक बैंकिंग की बड़ी संस्‍थाओं में से एक है. कंपनी भारत के साथ ब्रिटेन तक फैली हुई है. मोदी सरकार के के सेंट्रल में आने के बाद वे मौलाना आजाद नेशनल ऊर्दू यूनिवर्सिटी के चांसलर बने.

सलमान को मिली सजा पर भी सरेशवाला ने विरोध किया है

सलमान को मिली सजा के लिए जफ़र सरेशवाला ने सलमान के पक्ष में बोलते हुए कहा की देश में समानता की भावना बिलकुल नहीं बची है उन्होंने कहा की वे कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, पर यह गलत है जहाँ राजस्थान में गाय के नाम पर इंसानों को मारा जाता है उनको कोई सजा नहीं होती यहाँ तक की गिरफ्तार भी नहीं होती वहीं काले हिरणके मरने पर 5 साल की सजा हो जाती है जफ़र सरेशवाला ने कहा कि इस देश को एक बार फिर सोचने की जरुरत है क्या हमारे देश में सेंस ऑफ प्रोपोरशन जैसा कुछ नहीं बचा है?

पीएम मोदी पहुंचते हैं जफ़र सरेशवाला के हर कार्यक्रम में

जफ़र ने जब भी किसी कार्यक्रम का आयोजन कराया है. उसमें गुजरात के सीएम के तौर पर नरेंद्र मोदी अधिकतर जाते थे. प्रधानमंत्री बनने से पहले भी वे फरवरी 2014 को अहमदाबाद के कार्यक्रम में पहुंचे थे. यही भी नहीं जफ़र सरेशवाला की पत्नी भी इस्‍लामिक आर्ट वर्क की प्रदर्शनी मोदी के साथ देखी जा चुकी हैं.

 लंबे समय से कर रहे हैं मोदी के लिए बैटिंग

गुजरात दंगों के बाद जब कई देशों ने मोदी जी पर कई तरह के बैन लगाये तब भी जफर देसी और विदेशी मीडिया में उनके पक्ष में बोलते रहे. जफ़र सरेशवाला मोदी जी के लिए 12 साल से बैटिंग रहे हैं, इसके लिए कई बार बड़ेे मुस्लिम संगठनों के बीच उन्हें विरोध का सामना भी करना पड़ा यहाँ तक की जयपुर में होने वाली ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में उन्हें प्रवेश करने से भी मन कर दिया गया था.

 सब कुछ लुट गया था जफ़र का गुजरात दंगो में

जफ़र सरेशवाला का सब कुछ 2002 के गुजरात दंगों के समय लोगों ने उनके घर को और आफिस को बुरी तरह से नष्ट कर दिया था. उनकी पूरी कंप‍नी के आफिस को आग लगा दी गयी थी सारा स्‍टाफ ऑफिस छोड़कर भाग गया, कंप्यूटर से लेकर फर्नीचर तक कुछ नहीं बचा, उस दंगों में उन्हें 3.5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था पर जफ़र सरेशवाला की सफलता उनकी मजबूत इक्छा शक्ति और इरादों को बयां करती है. जो वे आज वापिस से सब कुछ खड़ा कर पाए.

जफ़र का हौसला हार न मानने वाला था

गुजरात दंगों के बाद उनका परिवार सड़क पर आ चुका था. उनके पास दो ही रास्ते थे या तो वह वापस ब्रिटेन चले जाते या फिर यहीं रहकर फिर से खुद को फिर से खड़ा करते, जफर ने भारत में रुकने  का निश्चय किया और दंगो में खत्‍म हुए अपने बिजनेस को फिर से शुरू किया साथ ही जिसको दंगों का सबसे बड़ा आरोपी बताया गया उसी से नजदीकी बना ली.

मोदी के खिलाफ हो गए थे दंगों के बाद 

दंगो के समय जफ़र सरेशवाला ब्रिटेन में एक मेकैनिकल इंजीनियरके रूप में वहां काम कर रहे थे और भारत में उनका परिवार रहता था जिसमे उनके दो छोटे भाई पुरे इस्‍लामिक बैंकिंग का काम देखते थे. जब दंगे हुए उसके बाद परिवार का जब सबकुछ तबाह हो गया तब वे मोदी के विरोधी में हो गए थे. वे उस टीम से जुड़ गए जो मोदी जी के विपक्ष में अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट में केस दर्ज कराने जा रहे थे

मोदी के एक फोन ने बदल दी जफ़र की सोच 

 मोदी की एक फोन कॉल ने जफ़र सरेशवाला की पूरी सोच को बदल दिया वे ब्रिटेन में बसने की सोच रहे थे पर मोदी जी ने जफ़र सरेशवाला को अपने फैसलेे पर दोबारा सोचने के लिए बोला. जफ़र सरेशवाला ब्रिटेन में रहते मोदी के खिलाफ अभियान चला रहे थे .मोदी जी ने फ़ोन पर उनसे कहा  क्‍या वहां तुम अंग्रेजों की गुलामी ही करते रहोगेे, भारत को तुम्‍हारी जरूरत है उसके बाद वह भारत आए तब से वे मोदी का बेहद खास मुसलमान दोस्त बन गए.

भाजपा से दूर नहीं रह सकते मुस्लिम

प्रधानमंत्री मोदी से नजदीकीयों पर पूछे गए सवाल के जवाब में जफ़र सरेशवाला का हमेशा साफ राय रखते  है. वह कहते हैं, मुस्लिम भाजपा से खुद को दूर नहीं रख सकती. लंबे समय से गुजरात में सत्‍ता मे हो और साथ ही मोदी भी हमेशा उनके लिए अछूत नहीं रह सकते.  एक रानीतिक दल और उनके पीएम पद के उम्‍मीदवार से स्‍थायी दुश्‍मनी मुस्लिम समुदाय के हालात बेहतर करने में मदद नहीं कर सकती है.

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