संतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी करें इस मंदिर में पूजा
संतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी करें इस मंदिर में पूजा

भारत में ऐसे अनगिनत मंदिर है जहाँ कभी भी भक्त निराश होकर नही लौटते है. चाहे वो संतान प्राप्ति के लिए बात हो या किसी रुके हुए कार्य को पूरा करने की. भक्तो की जो भी इक्षा हो भगवान उन्हें ना कभी निराश करते है और ना ही कभी खाली हाथ भेजते है. ऐसे ही एक मंदिर के बारें में आज हम बात करने जा रहे है. ये मंदिर काशी यानि की वाराणसी में स्तिथ है. अनेकों स्त्री-पुरुष संतान प्राप्ति के लिए यहाँ आते है. इस मंदिर का नाम है संतानेश्वर महादेव. जो भी स्त्री-पुरुष सच्ची श्रधा के साथ इस मंदिर में दर्शन करने आते है उनके संतान प्राप्ति के लिए योग बन जाते है. यहाँ की कुछ ऐसी ही मान्यता है.

जाने हर सोमवार को संतान प्राप्ति के लिए ऐसा क्या होता है खास?.

सोमवार को खासतौर पर संतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी अनेकों की संख्या में उपस्थित होते है. वैसे तो हर रोज शिव के भक्त दर्शन करने आते है. लेकिन सोमवार को केवल संतान इक्छुक स्त्री-पुरुष हजारों की संख्या में आते है. हर सोमवार को यहाँ खास रुद्राभिषेक होता है. ऐसे स्त्री जिनका गर्भ ना ठहरता हो या गर्भपात के कारण माँ बनने की आसार कम हो गये हो तो यहाँ रोज दर्शन करने और यहाँ आकर रुद्राभिषेक कराने से सारी परेशानियाँ दूर हो जाती है. यहाँ आए और संतान प्राप्ति का आशीर्वाद लेकर जाए.

जाने काशी में ऐसी क्या है खास बातें ?

यहाँ के सबसे पुराने नगरों में से एक माना जाता है. काशी को वाराणसी के नाम से भी जाना जाता है. स्कन्द पुराण में काशीखण्ड नाम का अध्याय है जिसमे बताए गये है काशी के 12 नाम जो की है काशी,वाराणसी,अविमुक्त क्षेत्र,आनंदकानन,महाश्मशान,रुद्रावास,काशीका,तपस्थली,मुक्तिभूमि,शिवपुरी,त्रिपुरारी,राजनगरी,विश्वनाथ नगरी.

काशी से जुड़ी और क्या है मान्यताएं ?

काशी विश्वनाथ भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है. ऐसी मान्यता है की इस मंदिर के दर्शन करने और गंगा में स्नान कर लेने से मोक्ष के प्राप्ति हो जाती है. ऐसी भी मान्यता है की यहाँ कई महान ऋषि मुनि यहाँ आए थे. उनमें से थे शंकराचार्य,राम कृष्णा परमहंस,महर्षि दयानंद,स्वामी विवेकानंद,गोस्वामी तुलसीदास.

प्रमुख बिंदु :-

  • जाने संतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी किस मंदिर जाए.
  • जाने कहाँ है ये मंदिर.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here