नवरात्रि (Navratri) का त्यौहार भारत भर में धूम-धाम से बनाया जता है. यह त्यौहार साल में दो बार आता है.  हर व्यक्ति माँ को प्रसन्न करने के लिए तरह तरह से जतन करता है.  कोई कैसे तो कोई कैसे. व्यक्ति की साधना का अलग अलग तरिका होता है.  बहूत से भक्त नवरात्रि (Navratri) में नो दिनों तक उपवास रखते है कोई एक समय का उपवास रखता है और एक समय खाना खा लेता है तो कोई दोनों समय का उपवास रखते है, कोई केवल पानी और फलो के द्वारा ही पुरे नो दिन निकाल देता है, तो कोई पुरे नो दिन मुहं से ना बोलने का व्रत रख लेता है तो कोई चप्पल न पहनने का.  जिसकी जैसी श्र्रद्धा वैसे उसकी भक्ति. फिर भी कुछ ऐसे नियम है जिनका बहूत कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है.

और कुछ ख़ास किस्म के कार्य से करने से हर हाल में बचने का प्रयत्न करे. वरना हो सकता है की माता के कोप का सामना करना पड जाये.  आइये जानते है की वे कौन से कार्य है जो नवरात्रि (Navratri) के दिनों में करने से बचना चाहिये.

भूल कर भी न करे नवरात्रि में ये बारह  कार्य –

  1. जिन लोगो ने व्रत लिया है वे भूल कर भी नवरात्रि (Navratri) के दिनों में बाल ना कटाये और ना ही दाड़ी बनवाये.
  2. भक्तो को इन दिनों में नाख़ून नहीं काटना चाहिये.
  3. अगर आप घर में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करते है तो याद रखे ज्योति खंडित नहीं होना चाहिये जब तक की नवरात्रि (Navratri) पुरी नो हो जाये.
  4. प्याज लहुसन एवं जड़ वाली सब्जियां खाने से बचे.
  5. नवरात्रि (Navratri) में नियमित स्नान कर कर मंदिर जाना चाहिये. मेले कुचेले कपडे न पहने.
  6. चमड़े की बनी वस्तुओ का प्रयोग करने से बचे जैसे पर्स, बेल्ट, चमड़े के जुते आदि.
  7. व्रत करने वाले व्यक्ति को दिन के समय नींद की झपकी लेने से बचना चाहिये.
  8. नवरात्रि (Navratri) के दिनों में नींबू न काटे इससे माता नाराज जो सकती है.
  9. नवरात्रि (Navratri) के व्रत रखने वाले व्यक्ति को अनाज और नमक के प्रयोग से बचना चाहीये.
  10. बहूत सारे लोग भूख की तकलीफ से बचने के लिए तम्बाकू का सेवन करने लगते है, ऐसा भूल कर भी न करे.
  11. अगर आप दुर्गा चालीसा आदि का पाठ करते है तो बीच में पाठ खंडित न होने दे.
  12. नवरात्रि (Navratri) के दिनों में ब्रहमचर्य व्रत का पालन करे.

यह सब वे चीजे है जो हर व्यक्ति को पालन करना चाहीये. लेकिन मन में शंका रखने की तनिक भी आवश्यकता नहीं है क्यों की आप जिसकी आराधना कर रहे है वो सारे संसार की माँ है. और संसार में बच्चो की ऐसी कोई गलती नहीं हे जो कोई माँ माफ़ नहीं कर सके. अत: शंका मुक्त हो कर जितना हो उतना व्रत पालन करे और जो न हो सके उसके लिए माफी मांग ले. भरोसा करे कि माँ की कृपा आप पर अवश्य होगी.

जय माता दी.

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