शीतला मंदिर का रहस्य राजस्थान के पाली जिले में हर साल सैकड़ो साल पुराना इतिहास और चमत्कार दोहराया जाता हैं. शीतला माता के मंदिर में स्थित आधा फीट गहरा और इतना ही चौड़ा घड़ा दर्शनार्थ खोला जाता हैं. लगभग 800 साल से लगातार साल में केवल दो बार ये घड़ा सामने लाया जाता हैं. अब तक इसमें 50 लाख लीटर से अधिक पानी भर चुका हैं.

वैज्ञानिक अब तक इसका पता नहीं लगा पाए हैं

इसको लेकर माना ये भी जाता हैं की इसमें कितना भी पानी डाला जाए. ये कभी भरता नहीं हैं. ऐसा भी माना जाता हैं की इसका पानी राक्षस पीता हैं. जिसके चलते ये पानी से कभी भर नहीं पाता. खास बात ये हैं की वैज्ञानिक अब तक इसका पता नहीं लगा पाए हैं. क्या भविष्य में इसका पता लगाएंगे वैज्ञानिक या नहीं. आने वाले समय में इसका पता लगेगा.

आखिर ऐसे युग में जब Technology  इतनी विकसित हुई. क्या वैज्ञानिक इसका पता लगाना नहीं चाहते हैं या उनको इस बारे में कुछ पता ही नहीं हैं. आखिर माँ का करिश्मा इसमें विध्यमान भी हो सकता हैं. माँ तो सब कुछ देखने वाली हैं. उनके दर पर सबको जाना चाहये. सारे दुखो का निवारण वे ही करती हैं. भाग-दौड भरे जीवन से लोगो को छुटकारा कहाँ मिलता हैं.

जब साल में केवल दो बार दर्शन के लिए दरवाजे खुलते हैं तो लोगो की जिज्ञासा और बढ़ जाती हैं. क्यों ना हों आखिर ऐसा क्या हैं शीतला मंदिर में ?  माँ का नाम लेकर माँ के दर्शन करने अवश्य जाए. ये घर हैं माता का. सबको इनके दर्शन करने आना चाहए. इस घड़े की अनुभुति सभी को करनी चाहऐ. माँ के दर्शन करना हर कोई का सपना होता हैं. घरों में हम पुजा रोज कर लिया करते हैं. लेकिन माँ के दर्शन करने की पवन बेला साल में दो बार ही उपलब्ध होती हैं.

प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं :-

  • शीतला मंदिर के रहस्य से विज्ञान हैं अनभिज्ञ.
  • साल में दो बार दर्शन के लिए खुलते हैं दरवाजे.
  • कहा जाता हैं राक्षस पी जाता हैं सारा पानी.

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