पिछले दो महीने से शेयर बाजार में चल रही गिरावट के चलते ढेर सारे इक्विटी म्‍युचुअल फंड स्‍कीम में सिस्‍टैमेटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) का रिटर्न निगेटिव हो गया है। कई सारे इक्विटी म्‍युचुअल फंड में एक साल की SIP का रिटर्न 9 फीसदी तक निगेटिव है। हालांकि ज्‍यादातर जानकाराें का मानना है कि यह समय SIP में निवेश रोकने का नहीं है, ऐसा करने से नुकसान ही ज्‍यादा होगा।

तीन झटकों से बुरी तरह टूट गया स्‍टॉक मार्केट

1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद से स्‍टॉक मार्केट में लगातार गिरावट चल रही है। बजट में स्‍टाॅक मार्केट में लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गैन टैक्‍स के साथ ही डिविडेंड डिस्‍ट्रीब्‍यूशन टैक्‍स का प्रस्‍ताव आया था। इसके चलते कई दिनों तक शेयर बाजार में गिरावट रही। यह गिरावट जैसे ही थमी थी कि PNB में फ्रॉड सामने आ गया। बाद में इसी तरह के फ्रॉड कई अन्‍य बैंकों में सामने आए।

इसके बाद स्‍टॉक एक्‍सचेंजों में फिर से गिरावट का दौर शुरू हो गया। इसके बाद जब लग रहा था‍ कि अब सब कुछ सामान्‍य हो रहा है तभी अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो गया। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इससे भी भारतीय स्‍टॉक एक्‍सचेंज पर गिरावट देखी जा रही है।

स्‍टॉक मार्केट में आता रहता है गिरावट का दौर

च्‍वाइस ब्रोकिंग के प्रेसीडेंट अजय केजरीवाल के अनुसार स्‍टॉक मार्केट में गिरावट का दौर आता ही रहता है। भारतीय शेयर बाजार ने इससे भी बड़ी गिरावट का दौर देखा है। लेकिन बाद में बाजारों ने अपने फंडामेंटल के दम पर नए नए रिकॉर्ड बनाए हैं। लेकिन अच्‍छा फायदा उन्‍हीं को मिला है, जिन्‍होंने गिरावट के दौर में सही जगह पर निवेश किया। हर गिरावट में कुछ न कुछ मौके भी होते हैं, जरूरत है उन्‍हें समझने की। अगर किसी की SIP अच्‍छे इक्विटी म्‍युचुअल फंड में चल रही है तो उसे जरूर जारी रखना चाहिए।

वैसे भी कहा जाता है कि SIP में निवेश लम्‍बे समय के लिए करना चाहिए। आज भी अगर किसी की SIP 3 साल से ज्‍यादा समय से चल रही है तो उसे नुकसान नहीं है। इसके रिटर्न कुछ कम हो सकते हैं, लेकिन ऐसे निवेशक फायदे में ही हैं। इसलिए इस गिरावट से चिंता करते SIP में निवेश रोकना नहीं चाहिए।

बाजार को टाइम करने की कोशिश न करें निवेशक

शेयरखान में वाइस प्रेसीडेंट मृदुल कुमार वर्मा के अनुसार निवेशकों को स्‍टॉक को टाइम करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। क्‍योंकि बाजार कब सबसे ऊपर होगा कब सबसे नीचे यह जानना संभव नहीं है। ऐसे में खास रणनीति बना कर ही निवेश करना चाहिए। इस समय एक साल की कई SIP का रिटर्न निगेटिव हो गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि निवेश बंद कर दिया जाए। अगर अच्‍छी स्‍कीम में SIP चल रही है तो उसे इस गिरावट के दौर में जरूर जारी रखना चाहिए। इसका फायदा बाद में बहुत ही अच्‍छा मिलता है।

SIP का निवेश भी हो गया निगेटिव

फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म बीपीएन फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम के अनुसार SIP माध्‍यम से निवेश करना ऐसी गिरावट के दौर में ही सबसे अच्‍छा होता है। SIP माध्‍यम से निवेश का मुख्‍य आधार ही गिरावट के दौर में ज्‍यादा से ज्‍यादा निवेश करना होता है। इस माध्‍यम से निवेश में एवरेजिंग का फार्म्‍यूला काम करता है। गिरावट के दौर में जितना ज्‍यादा निवेश होगा म्‍युचुअल फंड स्‍कीम की एवरेजिंग उतनी ही अच्‍छी हो जाएगी। इसके बाद जब स्‍टॉक मार्केट थोड़ा भी ऊपर जाएगा तो निवेशक को अच्‍छा रिटर्न मिलने लगेगा।

इसलिए SIP के निवेशकों को इस गिरावट में इस बंद नहीं करना चाहिए। यह समय निवेश के लिए अच्‍छा होता है। गिरावट का दौर ज्‍यादा लम्‍बा नहीं चलता है, ऐसे में बाद में जैसे ही स्‍टॉक मार्केट सुधरना शुरू करेगा तब निवेशकों को फायदा जल्‍द दिखने लगेगा।

SIP माध्‍यम से निवेश वाली कुछ योजनाओं का रिटर्न

म्‍युचुअल फंड स्‍कीम

1 साल में का निगेटिव रिटर्न

रिलायंस विजन फंड

-9.04 फीसदी

बीएनपी परिबसा मिडकैप फंड – Direct Plan

-7.40 फीसदी

बिड़ला एडवांटेज फंड

-5.27 फीसदी

जेएम मल्‍टी कैप स्‍ट्रैटजी फंड

-4.61 फीसदी

मोतीलाल ओसवाल फोकस्‍ड 25 फंड – Regular Plan

-4.35 फीसदी

एचडीएफसी इक्विटी फंड – Direct Plan

-2.62 फीसदी

रिलायंस फोकस्‍ड लार्ज कैप फंड – Direct Plan

-2.60 फीसदी

डीएसपी फोकस फंड

-2.22 फीसदी

बिडला टॉप 100 फंड

-2.57 फीसदी

एस्‍कोर्ट्स हाई यील्‍ड इक्विटी फंड

-2.34 फीसदी

नोट : डाटा 22 मार्च 2018 तक का।

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