ताजमहल घूमना हुआ मुश्किल जाने कैसे ?आगरा में ताज महल घुमने वालों के लिए निराशाजनक खबर है. ताजमहल घूमना हुआ पहले से भी महँगा. अब अगर आप ताज महल घुमने वालों में से है तो खबर सुनकर निराश हो जाएंगे। 1 अप्रैल से उनका टिकट सिर्फ तीन घंटे के लिए मान्य होगा। अगर वह तीन घंटे से ज्यादा का समय ताजमहल परिसर में बिताना चाहेंगे तो उन्हें अतिरिक्त रुपये देने होगें। ऐतिहासिक इमारत में ज्यादा भीड़ हो जाने को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

अभी प्रवेश टिकट भारतियों और विदेशियों को कितना देना होता है ?

अभी ताजमहल में प्रवेश के लिए भारतियों को 40 रूपये और विदेशियों को 1000 रूपये देने होते है। आगरा पुरात्वा विभाग के अधीक्षक भुवन विक्रम सिंह का कहना है की जिन दर्शकों को यह लगेगा कि उनके लिए ताजमहल में तीन घंटे का समय कम है और वह तीन घंटे से ज्यादा का समय परिसर में बिताते हैं तो उन्हें निकास द्वार पर इसका अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

उन्होंने बताया कि टिकट लेने के बाद अगर पर्यटक समय से ताजमहल में प्रवेश नहीं करते तो उन्हें समय बीतने के बाद उस टिकट पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्हें फिर से नया टिकट खरीदना होगा। यह नियम ऑन लाइन टिकट पर भी लागू होगा। ऑनलाइन टिकट बुक करते समय पर्यटक को समय डालना होगा कि वह किस समय ताजमहल में प्रवेश करेगा। वह टिकट पर दिए गए समय से अगर देरी से पहुंचेगें तो उन्हें भी उस टिकट पर प्रवेश नहीं मिलेगा।

अधीक्षक का क्या है मानना ?

हालांकि अधीक्षक यह भी मानते हैं कि यह नया नियम लागू करना बहुत मुश्किल है। इसमें ताजमहल में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों को परेशानी भी होगी लेकिन एक बार नियम लागू होने के बाद धीरे-धीरे सब अभ्यस्त हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि लोगों तक नए नियम की सूचना पहुंचाने के लिए विभिन्न मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। एक टर्नस्टिल दरवाजा भी लगाया जा रहा है जिससे यह नियम सुचारु रूप से लागू हो सके। उन्होंने बताया कि अभी ताजमहल के खुलने और बंद करने के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

आगंतुकों की संख्या में वृद्धि के कारण यह कदम लेना जरूरी था। उनका कहना था “हमारे पास ऐसे परिस्थितियां है जहां एक दिन में 50,000 से अधिक आगंतुक ताजमहल आते हैं। स्मारक का स्थान सीमित है और हम इसे बढ़ा नहीं सकते हैं। हमें उपलब्ध क्षेत्र के साथ ही ऐसा करना होगा और उस सीमित स्थान के भीतर आगंतुकों का प्रबंधन करना होगा।

कभी-कभी यह भीड़ के प्रबंधन में बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसे कुछ आगंतुक हैं जो शुरुआती दौर में आते हैं और समापन समय तक रुक जाते हैं और इससे अतिरिक्त तनाव पैदा होता है। “एएसआई के एक अधिकारी ने कहा, सीमित वैधता टिकटों को इसे सुलझाने की संभावना है। क्या इस कदम से लोग ताजमहल घुमने कम आयेंगे या आयेंगे भी तो 3 घंटे में अपने निवास स्थान पर वापस लौट जाएंगे। शायद ये कदम भीड़ को कम करने के लिए भी लिया गया हो। नहीं तो ताजमहल को मेन्टेन करने के उपलक्ष में अधिक पैसे की जरुरत हो वों कहा से आए। आगंतुक जो आएंगे उनसे लिए जाएंगे यही विचारधारा हो सरकार की।

प्रमुख बिंदु:-

  • ताजमहल घूमना कैसे हुआ मुश्किल.
  • 1 अप्रैल से बदल जाएंगे नियम.

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