10 तरीके से जाने वों आपमें interested है या नहींजैसे कि 60% से ज़्यादा बातें बोले बिना भी कही जातीं हैं, तो ऐसे में रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए सामने वाले की बॉडी लेंग्वेज की समझ रखना बेहद ज़रूरी हैं. लोगों की बॉडी लेंग्वेज के द्वारा दिए जा रहे संकेतों को समझ पाना एक बेहद रोमांचक कला हैं. थोड़ी सी भागीदारी दिखाकर, आप किसी की भी बॉडी लेंग्वेज को सटीकता से और आसानी से पढ़ सकते हैं, बस जरा सी अभ्यास के जरिए यह आपके व्यवहार का एक और हिस्सा बन सकती हैं.

  1. नजरों को समझें:- नज़रें मिलाना, आकर्षण का ही एक संकेत है, इसके साथ ही ही पलकों को सामान्य से 6-10 बार ज़्यादा झपकाना. आँखो को झपकाना (आँख मारना) भी कहीं-कहीं पर फ्लर्टिंग का सूचक माना जाता हैं. लेकिन ध्यान रखें, कुछ सभ्यताओं में इसे बेहद ओछा व्यवहार भी समझा जाता हैं.
  2. व्यक्ति की मुद्रा, आसन और संकेतों पर ध्यान दें:-

    एक दूसरे की ओर आकर्षित लोग सामान्य तौर करीब आने के हर तरीके खोजते हैं। इस का मतलब सामने वाले इंसान की तरफ और ज़्यादा झुकना शामिल है। एक हल्की Touch उस इंसान के आपकी ओर Attraction को दर्शाती हैं. हलके हाथ से थपथपाना या बाँहों पर धक्का देना भी आकर्षण का ही एक संकेत हैं. किसी भी इंसान की रूचि को उस इंसान के पैरों से भी समझा जा सकता है, उसके पैर हर समय उसकी पसंदीदा चीज़ों की ओर ही रहेंगे. हथेलियों का खुला होना भी उस इंसान के खुलेपन को दर्शाता हैं.

  3. अपनी Likes Dislikes को समझे:- पुरुष और महिला दोनो ही अलग-अलग तरह से अपनी दिलचस्पी को दर्शाते हैं. एक पुरुष अपनी पसंद की ओर झुका हुआ और अपना सिर हमेशा अपने पसंद के इन्सान की ओर रखता है, जबकि एक महिला इसके विपरीत अपना सिर पीछे ले कर अपनी गर्दन उस से दूर ले जा कर अपनी रूचि दर्शाती हैं. एक दिलचस्प इंसान अपने हाथ अपने सिर के ऊपर 90 degree  angle पर रख कर दिखाते हैं. जब एक औरत अपनी दिलचस्पी दर्शाती है, तो उस के हाथ उस के शरीर की ठुड्डी (चिन) और कमर के बीच के हिस्सों में कहीं पर होते हैं.

4. शर्मिंदगी के भाव को समझे:- शर्मिंदगी में इंसान की आँखें एक जगह टिकी नहीं रह पातीं, उनका सिर भी यहाँ से वहाँ डगमगाता रहता है और वे एकदम नियंत्रित से, यहाँ तक कि कभी-कभी अनचाही सी और tension पूर्ण मुस्कान भी देते पाए जाते हैं.

यदि कोई व्यक्ति बहुत ज़्यादा  नीचे ज़मीन

यदि कोई व्यक्ति बहुत ज़्यादा बार नीचे ज़मीन पर देखता है, तो इसका मतलब शायद वह शर्मीला हो, डरपोक हो या शर्मा रहा हो. जब लोग दुखी होते हैं या फिर किसी भावना को छिपाने का प्रयास करते हैं, तो वे हद से ज़्यादा बार ज़मीन पर देखते हैं. लोग जब ज़मीन पर देखते हैं, तो उन्हें लगता है, कि वे अपनी emotions को छिपा रहे हैं.

5. Tension के संकेतो को समझे:- जब भी कोई इंसान किसी चिंता में होता है, तो वह ज़रूरत से ज़्यादा बार अपनी पलकें झपकाते पाया जाता है और इनका मुँह एक छोटी सी लाइन की तरह दिखने लगता हैं. ज़्यादा चिंतित लोग अपने हाथों की मुट्ठी बाँधे, और खुद को एक जगह पर टिकाए रखने में नाकामयाब प्रतीत होते हैं. जब लोग अनजाने में कई बार अपने पैर को थपथपाते हैं, तो यह उनके चिंता में होने की ओर संकेत देते हैं.

6. Eye to Eye contact  में देखें:- अध्ययनों की माने तो  जब भी लोग एक दूसरे से कुछ रोचक बातें करते है तो उनकी आखें 80% समय तक एक दूसरे को देख रही होती हैं. ये ना सिर्फ उनकी आँखों पर केंद्रित रहते हैं, बल्कि कुछ समय के लिए उनकी आँखों में, उनकी नाक पर और फिर वापस उनकी आँखों में देखना शुरू कर देते हैं. ये एक-दो बार नीचे टेबल पर भी देख सकते हैं, लेकिन ये वापस से दूसरे व्यक्ति की आँखों में देखना शुरू कर देते हैं.

इशारों को कैसे समझे ?

7. इशारों को समझें:- ये मुद्राएँ थोड़ी सी नजर आ सकतीं हैं; लोगों की तरफ इशारा करना और भारी संकेतों का प्रयोग आपके स्तर को दर्शाता हैं. इसके साथ ही जब कोई बहुत ही ज़्यादा भारी मुद्राओं का प्रयोग करता है, तो यह भी बेहद तीखी नजर आते हैं. प्रभावकारी लोग बहुत ही दृढ़ता के साथ हाथ मिलाते हैं. ये हमेशा अपने हाथ को, हथेली को नीचे की ओर करके, ऊपर की ओर रखते हैं; और नियंत्रण को दर्शाने के लिए, पकड़ को मजबूत रखते हैं.

8. व्यक्तिगत अंतर को भी ध्यान में रखने की कोशिश करें:- जब भी हम बॉडी लेंग्वेज की बात करते हैं, तो यहाँ पर ऐसा कुछ भी नहीं है, जो हर किसी के लिए ‘एक-समान हो’. यदि आपने अपना बहुत सारा समय किसी की बॉडी लेंग्वेज को समझने में लगाया है, तो शायद आप उस इंसान को पहले से ही परख चुके होंगे. जो किसी एक इंसान के लिए सही होगा, ज़रूरी नहीं है, कि दूसरे के लिए भी सही ही हो.

उदाहरण के लिए, जब कोई झूठ बोलता है

उदाहरण के लिए, जब कोई झूठ बोलता है, तो अपनी नज़रों का संपर्क हटा लेता है, जबकि ऐसा हर बार के लिए सही नहीं होता, क्योंकि अन्य झूठे लोग खुद को सच्चा साबित करने के लिए और भी ज़्यादा दृढ़ता से संपर्क बना लेते हैं.

9. चेहरे की मुद्राओं का देखे ध्यान से :- जो इंसान बहुत ज़्यादा दृढ़ता से अपनी भावनाएँ व्यक्त करता है, वह गंभीरता की बातें करने के लिए एक हल्की सी मुस्कान भी देगा.

10. दूरी और छुअन (proxemics and haptics) का Determination:- यह भी बात करने का ही एक तरीका है. शारीरिक रूप से करीब आना, पसंद, प्रेम और लगाव की ओर इशारा करते हैं. जो लोग रिश्ते में बेहद करीब होते हैं, वे अन्य लोगों से ज्यादा आपके पास रहने का प्रयास करते हैं, बल्कि अनजाने लोग ऐसा कुछ भी नहीं करते. इस निजी स्वतंत्रता के मायने अलग-अलग संस्कृतियों के हिसाब से अलग-अलग होते हैं; याद रहे कि जिसे किसी एक जगह पर करीब रहना मानते हैं, उसे अगली जगह पर दूरी का प्रतीक भी मन जाता हैं.

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