द Baap ऑफ AK 47 - AK 103 रायफल बनाएगा भारत
द Baap ऑफ AK 47 – AK 103 रायफल बनाएगा भारत

पुरे भारत में मशहुर कलाश्निकोव राईफल जिसे भारत में AK 47 से भी नाम से जाना जाता है. सरकार रूस के साथ मिलकर AK 47 और AK 103 का प्रोडक्शन शुरू करने में जुटी हुए है. भारत में प्रोडूस होने से इससे जवानों और सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों तक आसानी से उन्हें मुहैया किया जा सकेगा. इससे आतंकियों के लिए बेहद बुरी खबर है. सावधान हो जाओ आतंकियों तुम्हे AK 47 और AK 103 से कोई नहीं बचा सकता.

रिपोर्ट की माने तो भारतीय दल AK 47 और AK 103 के निर्माण को लेकर जल्द ही बात-चित करने वाला है. भारत इसपर बात करने के लिए भारत की तरफ से सुरक्षा मंत्री सीतारमण जल्द ही पहल लेंगी. भारत जल्द से जल्द इसका प्रोडक्शन कराना चाहती है.

जाने किसके साथ मिलकर होगी प्रोडक्शन की शुरुआत ?

रिपोर्ट की माने तो ऑर्डिनेंस फैक्‍ट्री के साथ मिलकर इसके प्रोडक्शन की शुरुआत होने को लेकर बताया गया है. रूस ने पिछले साल ही वर्ल्ड फेमस AK 47 और AK 103  के निर्माण में भारत को प्रस्ताव दिया था. हाल के दिनों में सेना ने 7.62 कैलिबर श्रेणी के असौल्ट रायफल के कुछ नए specification जोड़े है. कुछ रायफल को भारत में मंगाया जाएगा. शुरुआत में इन्हें केवल सेना के लिए बनाया जाएगा और फिर बाद इससे एक्सपोर्ट भी किया जाएगा.

जाने AK 47 और AK 103 इनदोनों में से किसका होगा प्रोडक्शन ?

जानकारी के लिए आपको बता दे भारत में केवल AK 103 का होगा प्रोडक्शन. बेसिक वर्शन है AK 47. एडवांस वर्शन है AK 103. AK 47  से हलकी ,छोटी,घटक चोट लगती है. AK 103 को अधिक बेहतर माना जा सकता है. आतंकियों के पसीने छुड़ाने में AK 103  बेहद कारीगर सिद्ध होगी.

जाने क्यूँ प्रसिद्ध हुई थी AK 47 ?

 AK 47 और AK 103 में से जब AK 103 नही आई थी तो AK 47 क्यूँ हुई थी प्रसिद्ध. आपको बता दे आतंकियों की वजह से AK 47 फेमस हुई थी. इसे विश्वा पहचान तब मिली थी जब पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ 1990 की कश्मीर लड़ाई में इसका इस्तमाल किया था. जिसकी वजह से सेना को भी अपनी हथियार अपग्रेड करने पड़े. बाद में 5.56 मम कैलिबर के चलते ये आतंकियों के खिलाफ खासा कारीगर सिद्ध हुआ.

AK 47 और AK 103 इनमे से AK 103 को घटक माना जा सकता हैं. 500 की दुरी से भी इससे निशाना लगाया जा सकता है. जितनी सेना ने मांग की ठिऊ ये उतनी रेंज तक की है. ये रायफल कई तरह के डिवाइस से भी लैश है. इसके वजन की बात करें तो मात्र 3.5 किलो का है.

100 से अधिक देशों की सेना करती है इस्तमाल:-

AK 47 का इस्तमाल कुल मिलाकर कितने देश इस्तमाल करते है कहा जाए तो 106 देशों में इसका इस्तमाल होता है. AK 47 और AK 103 में से क्या AK 103 होगा इतना प्रसिद्ध?. देखना होगा उसके बाद कोई बता भी पाएगा. अगर बात करें इस रायफल के बुलेटप्रूफ की तो ये ना तो किसी प्रयोगशाला में इसपर कोई टेस्ट किया गया और ना ही किसी वैज्ञानिक ने की इसकी पहचान या की सोच जबकि इसका दिमाग आया अस्पताल में बेड पर पड़े मिखाइल कलाश्निकोव के दिमाग में आई ये बात.

पानी में अचूक निशाना :-

AK 47 और AK 103 में से अगर बात करे बेसिक वर्शन AK 47 की तो ऐसा हथियार है की जिसे पानी के अंदर भी हमला किया जाए तो गोली सीधे ही जाती हैं. पानी का घर्षण इसे रोक ही नहीं सकता है. ये बेहद सिंपल रायफल है जिसका निर्माण बहुत आसानी से किया जा सकता है. रिपोर्ट की माने तो ये एक ऐसा रायफल है जिसकी सबसे अधिक कॉपी की गई है. ये एक ऐसा हथियार है जिसे हर एक पर्यावरण में चलाया जा सकता है. इस रायफल में सभी रायफल तकनीकों का मिश्रण है.

अगर बात करें तो इसका लॉकिंग डिजाईन को m1 ground रायफल से लिया गया है. अगर बात करे इसके ट्रिगर और सेफ्टी लॉक रेमिंगटन रायफल जिनका मॉडल है 8 से लिया गया है,जबकि गैस सिस्टम और बहरी डिजाईन S.T.G से लिया गया है. AK 47 और AK 103 में से बेसिक वर्शन या सबसे शुरआती वर्शन AK 47 है लेकिन अब डिमांड है नए वर्शन नयी सोच नए युग की और इसके लिए भारत सरकार ने ऐसा कदम उठाया है जिसे ये सोच यु ही आगे बढ़ती रहेंगी.

प्रमुख बिंदु :-

  • AK 47 के बाद भारत में होगा निर्माण AK 103 का.
  • जाने भारत सरकार ने कैसे की इसकी पहल.

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