UN ने भी माना -पाकिस्तान आतंकवादी देश हैं    जिनेवा में आयोजित पाकिस्तान में चल रहे आतंकवादी गतिविधियों पर हुए सम्मेलन में इसकी चर्चा हुई. पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों को रोकने और खत्म करने पर वार्ता हुई. शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में ये चर्चा आयोजित किया गई थी. सम्मेलन का उद्देश्य पाकिस्तान में सैन्य संगठन को जड़ से निकाल फेकना जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया जा सके.

यूरोपीय आयोग में एशिया के लिए पूर्व पॉलिसी कोऑर्डिनेटर ब्रायन टोल ने इस सम्मेलन का संचालन किया, जिन्होंने अपनी पहले की टिप्पणी में कहा था कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में एक अलग छवी प्राप्त की हैं, जो कि एक राष्ट्र हैं और जो आतंकवाद को बढ़ावा देने में सबसे आगे हैं.

उन्होंने कहा, सबसे गहन विषय यह था कि पाकिस्तान और इसके संस्थानों ने हाल ही में एक संयुक्त राष्ट्र के नामित आतंकवादी समूह, जमात-उद-दावा पर एक मूक दर्शक के रूप में चुप थे बल्कि यहाँ तक की अपने ही घर में आतंकवाद को बस और बस बढ़ावा देने में लगे हुए हैं.  न केवल मिली मुस्लिम लीग नामक एक राजनैतिक पार्टी का गठन किया हैं जमात-उद-दावा ने, बल्कि यहां तक ​​कि कुछ संसदीय सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं.

ब्रायन टोल ने आगे कहा कि यह अच्छी तरह से ज्ञात हैं कि लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा मुंबई के हमलों सहित आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं. जहां कई सैनिक मारे गए थे और इन आतंकवादी संगठनो पर आगे कोई कार्यवाई भी नहीं हुईं. पाकिस्तान में राजनीतिक सत्ता में आतंकवादी संगठनो का होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर विषय हैं. साथ ही साथ सुरक्षा के उपर भी एक बड़ा प्रश्न  हैं.

सम्मेलन में बोलते हुए, यूरोपीय संसद के सदस्य फुल्वियो मार्टुसिएल्ज़ ने पाकिस्तान के आतंवादियों से निपटने के लिए प्रतिबद्धता की कमी का आरोप लगाया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद पाकिस्तान की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ हैं.

उन्होंने आगे बताया कि इस्लामिक चरमपंथी समूहों को अपनी गतिविधियों को स्वतंत्र रूप से बाहर करने और जनता कट्टरपंथी के बीच अपना जीवन बसर कर रही हैं. इसके अलावा देश में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए धन जुटाने की खबर को लेकर पाकिस्तान कई वर्षों से मना करता आ रहा हैं.

Martusciello ने कहा कि अब ऐसा पूर्ण घेरा जैसा बनता जा रहा हैं की अब आतंकवादी राजनीति में घुसते जा रहे हैं और वों आगे चलकर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं. Martusciello ने आगे कहा अब समय आ गया हैं की यूरोपीय देश और यूनाइटेड नेशन पाकिस्तान पर दवाब डाले और हर गतिविधियों पर कड़ी से कड़ी नज़र रखे.

तारक इस्लाम जो की पाकिस्तान में ‘ट्रॅजिक इल्यूशन ऑफ़ इस्लाम’

तारक इस्लाम जो की पाकिस्तान में ‘ट्रॅजिक इल्यूशन ऑफ़ इस्लाम’ से निर्वासित किये गये थे. तारेक फतह ने बताया कि पाकिस्तान हमेसा से ही आतंकवाद को बढ़ावा देता आया हैं. चाहे वों  काबुल में हुए  विस्फोट हो या ओसामा-बिन-लादेन को भी सरण दे रखी थी.

तारेक फतेह ने यह भी कहा कि “पाकिस्तान का सिद्धांत यह हैं कि यदि आप उनके धर्म का पालन नहीं करते हैं, तो आपके पास अस्तित्व या बचे रहना का अधिकार नहीं है. यूरोपीय आर्थिक और सामाजिक समिति के 30 वें राष्ट्रपति हेनरी लुइस मालोस ने अपने भाषण में कहा था कि पाकिस्तान ने “आतंकवाद पर युद्ध” के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारी सहायता प्राप्त  कर चुका हैं.

हालांकि, अब यह स्पष्ट हो गया था कि आतंकवाद से लड़ने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों में एक बहाना था और देश अपने रणनीतिक लक्ष्यों के लिए आतंकवादी समूहों को संरक्षित करना जारी रखता आ रहा है. मालोस ने तर्क दिया, अगर पाकिस्तान ने आतंक से लड़ने के लिए कुछ गंभीरता दिखायी थी, तो हाफिज सईद जैसे नामित आतंकवादी पाकिस्तान की सड़कों पर स्वतंत्र रूप से घूम पाएंगे.

उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि पाकिस्तान को आतंकवादी समूहों के इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए ताकि खुद के हितों को भी आगे बढ़ाया जा सके. सभी वक्ता इस बात पर सहमत हुए थे कि आतंकवादियों के इस खतरनाक प्रवृत्ति को धीरे-धीरे राजनीतिक मुख्यधारा में लाया जा रहा हैं.

प्रमुख बिंदु :-

  • UN ने पाकिस्तान को कहा बंद करे आतंकवाद.
  • तारक इस्लाम का कहना पाकिस्तान में रहना हैं उनके तरीके से रहो वरना बाय-बाय.

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