Valentine Day से सिर्फ एक दिन पहले लव मेरिज करने वाली लड़की ने की ख़ुदकुशी हाथों पर लिखी आखरी कहानीValentine’s Day से एक दिन पहले कालका में एक Love Marriage का दुखद अंत हो गया. कालका की रेलवे Colony में रहने वाली कौशल्या जिनकी उम्र (32) ने अपनी Love Marriage के 27 महीने बाद घर में फँसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. कौशल्या की 3 महीने की Pregnancy थी.

प्रमोद ने बताया कि जब वो रात को घर आये तो देखा कि एक कमरे में कौशल्या ने फांसी लगाई हुई थी

प्रमोद ने बताया कि जब वो रात को घर आये तो देखा कि एक कमरे में कौशल्या ने फांसी लगाई हुई थी.  कौशल्या को Hospital लेकर गए, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. कौशल्या के पिता श्री परमानन्द ने Police को बताया दोनों की Love Marriage के कुछ समय बाद ही उनकी बेटी को प्रमोद की माँ और उनकी बहन चारू तंग करने लगे थे. जिससे परेशान होकर कौशल्या उनके पास आकर रहने लगी थी. करीब दो महीने पहले ही प्रमोद कौशल्या को समझाकर कालका ले गये थे.

मरने से पहले कौशल्या ने  अपनी बाईं बाजू पर पेन से Suicide note भी लिखा है. उन्होंने लिखा था “मेरे एक गलत फैसले ने आज मुझे यहां पहुंचा दिया. काश मैंने अपने मां-बाप की मानी होती. धन्यवाद प्रभु. काश मेरे पति ने मेरा साथ दिया होता.” मृतका के पति प्रमोद कुमार Electrician और प्लम्बर का काम करते है. नवंबर 2016 में उनकी और कौशल्या की Love Marriage मैरिज हुई थी. कौशल्या बद्दी में एक Private Company में काम करती थी. कौशल्या हिमाचल के मंडी जिले के एक गांव की रहने वाली थी.

कौशल्या के पिता के बयान पर मामला किया

कौशल्या के पिता श्री परमानन्द जी के बयान पर कौशल्या की सास और उनकी ननद चारू के खिलाफ Suicide note के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने और परेशान करने के लिए मामला दर्ज कर लिया गया है. ऐसी घटनाएँ और भी होती है पर कब होगा अंत ऐसे लोगो को जो अपनी बेटी को कलेजे का टुकड़ा और पराई बेटी को सिर्फ बाहर की लड़की मानते हैं. और उसे इंसाफ कैसे मिलेगा, कब मिलेगा?

उनके  के Suicide note मे अगर जरा सी भी सच्चाई है तो क्या अगर अपने माता पिता की बात मान जाती तो अभी जीवित होती. पल भर की खुशी के लिए हम अपना सारा जीवन दाव पे लगा कर देते है. इसलिए इस लेख के जरिये Love Marriage करने वालों से कहना चाहूँगा कोई भी फैसला ले तो आपसी विचार विमर्श से आये निष्कर्ष से ले.

रिश्ते जोड़ने से पहले निभाने की कसम के परिभाषा अच्छे से समझ लेनी चाहिए, “दोनों को”. क्योंकि मारने वाला भी किसी को अकेला छोड़ के जाना भी बेवफाई ही होती है.

भविष्य को ध्यान मे रखकर ले “सावधानी हटी और दुर्घटना घटी”. एक अंतिम बात कहूँगा कौशल्या को Suicide नही करना करना था. अपने अधिकार के लिए अपने सम्मान के लिए लड़ी होती तो ऐसे अंत ना हुआ होता. हम सभी अपनी ख़ुशी के लिए लड़ सकते है, मुकाबला कर सकते है. हम नही हारेंगे नही हारेंगे ये विश्वास ही अपने आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.

लेकिन इस बात को भी नजरंदाज नहीं किया जा सकता की दो लोगों के बीच का रिश्ता निभाना किसी एक की जिम्मेदारी नही होती, कौशल्या के पति ने जिस भरोसे से प्रेम के साथ उसे घर में लाया था, उसी भरोसे से उसे रिश्ता निभाना था. आज अगर एक प्रेमिका ने मरते वक़्त आखरी शब्द ये लिखे की “काश उसके पति ने उसका साथ दिया होता” तो समझ सकते हैं की रिश्ते की आत्मा से भरोसे के प्राण तो बहुत पहले ही निकल चुके थे.

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