गुरुवार 8 मार्च महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है. आज हम कुछ ऐसी महिलाओं के बारे में चर्चा करने जा रहे है जिन्होंने ने अपने योगदान से पुरी दुनिया को बदल डाला. उनकी वजह से दुनिया की बहूत सी चीजे आसान हो गयी. इस सूची में कई ऐसी महिलाओ के नाम शामिल है जो तमाम विपरीत परिस्थितयो के बावजूद भी अपने उद्देश्य पर डटी रही और अपनी काबिलियत से दुनिया से लोहा मनवाया. आज उनका योगदान कई लोगो के जीवन को आसान बना (made life beautiful) रहा है. इसी ही कुछ महीलाओ में नाम हम एक के बाद एक जिक्र करेंगे:

ये है वो पांच महिलाये

पेट्रीशिया ऐरा बाथ

पेट्रीशिया ऐरा बाथ ने लेज़र फेको प्रोब नाम के एक डिवाइस का अविष्कार किया जो की मोतियाबिंद को आँखों की चिकनाई को बनाये रखते हूवे तुरंत एवं दर्द रहित ढंग से निकालने में सक्षम है. आप को बता दें कि मोतियाबिंद जो की बुजुर्गों में एक बहूत ही आम किस्म की बीमारी है. इसकी वहज से रोगी में भ्रम और तनाव जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसके बाद सन 2000 में पेट्रीशिया ने मोतियाबिंद उपचार में अल्ट्रासाउंड के उपयोग के आविष्कार के लिए एक और पेटेंट प्राप्त किया.  उनके इस अविष्कार ने जीवन को आसान बना दिया(made life beautiful).

ग्रेस होपर

ग्रेस होपर को प्रारंभिक कंप्यूटिंग में क्रांति लाने का श्रेय जाता है. सबसे प्रारम्भिक कंप्यूटरस की श्रेणी में आने वाले IBM’s Mark 1 कंप्यूटर जिसने मान्हाटन प्रोजेक्ट में आने वाली गणीतिय उलझनो को सुलझाने में अहम् भूमिका निभाई थी को प्रोग्राम किया था. उन्होने सब से पहला Compilar तैयार किया था जो की अंगरेजी भाषा को मशीनी भाषा में रूपांतरित करने में सक्षम था. उन्ही के कार्यो से प्रभावित होकर आगे चलकर COBOL ने सब से पहली कंप्यूटर लैंग्वेज तैयार की थी जो आज भी उपयोग में लाई जाती है. उनके यह अविष्कार जीवन को आसान बना रहा है (made life beautiful)

रोसालिंड फ्रेंक्लिन

वैसे तो फ्रांसिस क्रिक, जेम्स वाटसन, और मॉरिस विल्किंस को डीएनए के डबल हेलिक्स संरचना की खोज का श्रेय जाता है. परन्तु आप को बता दें कि यदि रोसालिंड फ्रेंक्लिन के द्वारा जारी vitalimage data (खासकर image 51) का सहारा उनके प्रोजेक्ट को नहीं मिलता तो आज वो तीकड़ी नोबेल पुरस्कार की हकदार नहीं होती. जाहिर है डीएनए पर फ्रैंकलिन के योगदान से विज्ञान की एक पूरी नई शाखा को काम करने में मदद मिली है। यह अफ़सोस की बात है कि नोबेल पुरस्कारों मरणोपरांत किसी को दिए जाने की अनुमति नहीं है.

मेरी क्यूरी

मेरी क्यूरी ऐसी पहली महिला थी जिन्होंने नोबेल प्राइज प्राप्त किया था और वे एक ऐसी भी महिला थी जिन्होंने दो बार नोबल पुरस्कार प्राप्त किया था. उनके योगदान के बिना आज हम रेडियो – एक्टिविटी के बारे में जो समझ रखते है वहां तक नहीं पहुचं पाते. उन्होने पॉलोनियम और रेडियम का अविष्कार किया. उन्ही की वजह से मोबाइल X-Ray मशीन का अविष्कार हो पाया था जो की प्रथम विश्वयुद्ध में उपयोग की गयी थी.

केरेस क्रोस्बी

केरेस क्रोस्बी को आधुनिक ब्रा के अविष्कार का श्रेय जाता है.जिन्होंने अपने अविष्कार के द्वारा अनेको महिलाओं के जीवन को आसान बना दिया (made life beautiful). whalebone corset से तंग आ गयी केरेस जब एक दिन रूमालो के साथ कुछ प्रयोग कर रही थी तब उन्हें एक अधिक हल्की और फ्लेक्सिबल डिजाईन का ख्याल आया और ये अविष्कार आज की महिलाओ के लिये वरदान बन गया.

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