Vikram Kothari brought to Delhi
Vikram Kothari brought to Delhi

रोटोमैक के मालिक विक्रम कोठारी पर सीबीआई का शिकंजा कस गया है. कोठारी पर पर कई बैंक्स को अरबों का चूना लगाने का आरोप है. 3695 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपों में घिरे Vikram Kothari owner of Rotomac और उनके बेटे को पूछताछ के लिए बुधवार को दिल्ली लाया गया. सीबीआई दोनों से सवाल-जवाब करेगी. इससे पहले इन्हें कानपुर में हिरासत में लिया था. फिर दोनों को लखनऊ ले जाया गया.

मंगलवार को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कंपनी के 14 बैंक अकाउंट अटैच कर दिए थे. यह कार्रवाई बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर की गई. सीबीआई ने सोमवार सुबह कोठारी के कानपुर स्थित घर समेत कुल 3 ठिकानों पर छापा भी मारा. इससे पहले मीडिया में 800 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की बात सामने आई थी.

 

विक्रम कोठारी रोटोमेक कंपनी के प्रमुख

कोठारी परिवार का बिज़नस

Vikram Kothari owner of Rotomac जाने-माने Business man एमएम कोठारी (मनसुख लाल महादेव भाई कोठारी) के बेटे है. वह 8 भाई-बहनों में सबसे बड़े थे. एमएम कोठारी का जन्म कानपुर के छोटे से गांव निराली में हुआ था. प्राइवेट नौकरी से करियर की शुरुआत की. धीरे-धीरे उन्होंने स्कूल समेत कई संस्थानों की शुरुआत की और पान पराग और रोटोमैक की नींव रखी.

एमएम कोठारी के निधन के बाद उनकी कंपनी उनके दो बेटो विक्रम और दीपक के हाथ में आ गई थी. विक्रम ने रोटोमैक संभाला और दीपक ने पान मसाले के बिजनेस को आगे बढ़ाया.

क्या है ये सारा scam

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर रोटोमैक ग्लोबल, उसके डायरेक्टर्स – विक्रम कोठारी, साधना कोठारी, राहुल कोठारी और अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि साजिशकर्ताओं ने 2919 करोड़ रुपये देने वाले सात बैंक्स को धोखा दिया.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सीबीआई ने बताया कि रोटोमैक कंपनी के विक्रम कोठारी समेत 3 डायरेक्टर्स ने 7 बैंक्स के कॉन्सर्टियम को धोखा दिया और बेइमानी से 2919.29 करोड़ रुपए का बैंक लोन निकाला. इसमें लोन का इंट्रेस्ट शामिल नहीं किया गया है. ब्याज जोड़कर ये रकम 3695 करोड़ रुपए हो जाती है. कंपनी ने बैंक को यह रकम नहीं चुकाई है.

Banks और विक्रम कोठारी

किस बैंक का कितना कर्ज है

  • पहले नंबर पर बैंक ऑफ बड़ौदा: 53 करोड़ रुपए
  • फिर बैंक ऑफ इंडिया: 77 करोड़ रुपए
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र: 82 करोड़ रुपए
  • इलाहाबाद बैंक: 68 करोड़ रुपए
  • ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स: 47 करोड़ रुपए
  • इंडियन ओवरसीज बैंक: 07 करोड़ रुपए
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया: 95 करोड़ रुपए

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बैंक्स का आरोप है कि विक्रम कोठारी ने ना लोन की रकम बापिस लौटाई और न ही ब्याज दिया. इस पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइंस पर एक आधिकारिक जांच कमेटी गठित की गई. कमेटी ने 27 फरवरी 2017 को रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को विलफुल डिफॉल्टर (जानबूझकर कर्ज नहीं चुकानेवाला) घोषित कर दिया.

यह पूरा स्कैम सामने कैसे आया ?

13 अप्रैल 2017 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को उसकी उन संपत्तियों या किस्तों का ब्योरा पेश करने का आदेश दिया था, जिनका बैंक ऑफ बड़ौदा को भुगतान किया गया.

इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय

पिछले साल ऋण देने वाले बैंक्स में शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा ने रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को जानबूझकर ऋणचूक करने वाला (विलफुल डिफॉल्टर) घोषित किया था. इस सूची से नाम हटवाने के लिए कंपनी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की शरण ली थी. जहां कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे सूची से बाहर करने का आदेश दिया था.

न्यायालय ने कहा था कि ऋण चूक की तारीख के बाद कंपनी ने बैंक को 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की पेशकश की थी, बैंक को गलत तरीके से सूची में डाला गया है. बाद में रिजर्व बैंक द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार एक प्राधिकृत समिति ने 27 फरवरी 2017 को पारित आदेश में कंपनी को जानबूझ कर ऋण नहीं चुकाने वाला घोषित कर दिया.

यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब महज एक सप्ताह पहले पंजाब नेशनल बैंक में करीब 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी खुलासा हुआ है. विक्रम कोठारी के खिलाफ 600 करोड़ का बाउंस चेक देने का केस हुआ है. इस मामले में आरबीआई ने इलाहाबाद बैंक को नोटिस भेजा है. बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर सीबीआई ने कोठारी के खिलाफ केस दर्ज किया. इसके बाद अफसरों ने सोमवार को उनके ठिकानों की सीबीआई और इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) की ज्वाइंट टीम ने तलाशी ली.

वे लोग जिन पर केस किया गया

वे लोग जिन पर केस किया गया

इस पुरे केस में रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिडेट के डायरेक्टर विक्रम कोठारी, पत्नी साधना कोठारी और बेटे राहुल कोठारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया. और विक्रम कोठारी के खिलाफ मनी लाड्रिंग का केस भी दर्ज किया गया है.

डायमंड कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के बाद Vikram Kothari owner of Rotomac बैंक्स को करोड़ो का चूना लगाने के मामले में सुर्खियों में हैं. रविवार को वह कानपुर के एक वैवाहिक समारोह में नजर आए थे. 11,356 करोड़ के पीएनबी घोटाले के बाद सोशल मीडिया पर यह खबरें आई थीं कि कोठारी भी देश छोड़कर भाग गए हैं.

कोठारी ने शुक्रवार को वीडियो जारी कर कहा था, ”मैं देश छोड़कर कहीं नहीं गया हूं. बैंक्स से लोन लिया है, लेकिन ये सही नहीं है कि मैंने लोन चुकाया नहीं है. बैंक्स के साथ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में केस चल रहा है. जल्द ही फैसला आ जायेगा. बैंक्स ने मेरी कंपनी को नॉन परफॉर्मर संपत्ति घोषित किया है डिफॉल्टर नहीं. मैंने लोन लिया है और जल्द ही उसे चूका भी दूंगा.”
”भारत छोड़कर कहीं नहीं जा रहा हूं. इससे महान कोई देश नहीं है. मैं कानपुर का निवासी हूं, यहीं रहता हूं और यहीं रहूंगा. हालांकि, मुझे बिजनेस के सिलसिले में विदेश जाना पड़ सकता है.”

 

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