“X” के लौटने का इंतजार कब तक जायज है ?
“X” के लौटने का इंतजार कब तक जायज है ?

X” के लौटने का इंतजार कब तक करे या ना करे से मतलब है आपको प्यार करना वाला या प्यार करने वाली भगवान ना करें की आपकी जिंदगी में ऐसा कभी हो लेकिन हो तो कुछ भी सकता है ना.., माँ लीजिए थोड़े समय के लिए आपको प्यार करने वाली या करना वाला छोड़ कर चला जाए तो आप उसका इंतजार कब तक करें तो सही माना जाएगा और कब तक ना करें के दोनों पहलु है. आज हम आपको इसी निजी जिंदगी में प्यार के चले जाने पर आप कब तक इंतजार करे तो है जायज.

हम अपनी इस कोशिश के माध्यम से आपको बताएंगे की आप कब तक करें वेट तो है जायज :-

X” का वेट लोग ये बात कहकर टाल देते है की बस ये कहकर ‘मूव ओन’. क्या इतना कहने से आप “X”  को भूल जाएंगे. इतना आसान नही होता. वो शायरी है ना “ये इश्क नही आसान”. आप अपनी “X” से बेहद प्यार है और आप उसका तब तक इंतजार करते जब तक वो आपके पास नही आ जाता या नही आ जाती. ये तो प्रैक्टिकल वाली बात है की आप उसका इंतजार मरते दम तक नही करेंगे. तो कब तक करेंगे उसकी सगाई तक, उसकी कही और शादी होने तक,उसके या उसकी शादी हो जाने तक या बाल बच्चे हो जाने तक?. कब तक क्या आप बता सकते है.

क्या-क्या मिलता है सुनने को ?

ऐसा बहुत सुनने को मिलता है उम्मीद पर दुनियाँ कायम है. उम्मीद किस चीज उसके आपके पास आने की या आपको उसके पास जाने की. अगर आप ये सोच रहे है उसकी शादी के दिन आप हिंदी फिल्मों के हीरो की तरह बाईक से अपनी “X”  के घर एंट्री लेंगे और आपकी “X”  मान जाएगी और बोलेगी “wow” मुझे पता था की तुम आओगे और मुझे ले जाओगे.

ऐसा नही होता जनाब ये क्यों भूल गए आप वो आपकी “X”  है. “X”  का मतलब होता है अतित. अतीत अगर आएगी तो अपनी मर्जी से वरना इंतजार की घड़ी बड़ी ही लम्बी होती है. हाँ आप प्रयास जारी रख सकते है शायद आपके प्रयास से उसका दिल पिघल जाए और आपके पास वापस आ जाए.

ये हो सकता है कहा जा रहा ये कोई जरुरी नही की वो आपके पास आ ही जाएगी. आपको अपने “X” का तबतक इंतजार करना है जबतक आपकी उम्र ना ढल जाए और आपके “X”  की उम्र ना ढल जाए. यही प्रैक्टिकली सही भी है और कड़वा सच भी. फिर सवाल ये आता है क्या उम्र के साथ-साथ प्यार भी खत्म होता हो जाता है?.

क्या करें क्या नही ?

प्यार तो खत्म नही होगा. प्यार है ही चीज ऐसी ये अजर है अमर है और इसके जैसे खुबसूरत चीज भी कोई और नही है. आप अपनी “X” से कुछ समय के लिए बात कर सकते है अगर आपकी या आपका “X”  चाहे तो. “X” को याद करना जायज है लेकिन ये आपसे और उनसे बेहतर कोई नही जान सकता की “X” आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण और आप उनके लिए कितने महत्वपूर्ण है. ये जानने की जरुरत नही होती ये समझ आ जाती है. अगर आपको समझ आ जाती है तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है.

शादी से पहले या बाद तक ?

अगर आपकी “X”अपने निजीजीवन में चल रहे परेशानियों के वजह से आपसे अलग हुई है तो ये आपको वो या तो बता सकती है या आप पता लगा सकते है. अगर आपको अपनी “X” पर इतना भरोसा है तो इससे अच्छी बात कोई हो ही नही सकती है. अपनी “X” का आप इंतजार उसकी शादी होने पहले या उसके शादी होने से पहले तक भी कर सकते है.

अभी भी कुछ नही बिगड़ा कम से कम आपकी नजरे तो देख ही लेंगी अपने “X” को. अजर नजर से नजर मिले तो बस दुनियाँ उसी में तो है. जब आपने दुनियाँ मन लिया है तो आप चिंता ना करे वो आपकी ही है. आप कम से कम चांस तो मार ही सकते है. इसमे चांस क्या मारना वो आपकी थी क्यूंकि “X” थी ना और अब वो आपकी “X” से आपकी अपनी बेबी,सोना हो गई.

हमने तो आपको रास्ते दिखा दिए है अब आपको उस रास्ते पर चलना है या नही आय अपने तरीके से आपको अपनी “X” का इंतजार कब तक जायज है या कब तक नही ये सारी बाते आपको निर्धारित करनी है. “X” को जानते आप है समझते आप है पहचानते आप है. आप से बेहतर भला कौन जानता है. जानिए समझिए परखिए पहचानिए फिर किसी निष्कर्ष पर आए.

प्रमुख बिंदु :-

  • “X” के लौटने का इंतजार आप कब तक करें और कब तक नही?.
  • क्या है कोई सिमित समय?.

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