कहते है गृहस्थ आश्रम मनुष्य के जीवन के प्रमुख पड़ावो में से एक है, हर स्त्री एवं पुरुष को जीवन में एक बार विवाह (vivah)करना ही पड़ता है. परंतु ग्रह नक्षत्रो की बधाओ की वजह से कई बार विवाह (vivah)में अडचने आने लगती है. कहते है इन्सान का प्रारब्ध ग्रह नक्षत्रो की गति से ही बंधा होता है, मतलब ग्रह नक्षत्र सद जाये तो सारा जीवन सद जाये. हनुमान की आराधना भी इसके निवारण का एक उपाय हो सकता है.

क्यों की भगवान् हनुमान को ये वरदान था की कोई भी ग्रह नक्षत्र हनुमान के भक्तो को कभी कष्ट नहीं देंगे और कहते है इन्सान का प्रारब्ध ग्रह नक्षत्रो की गति से ही बंधा होता है, मतलब ग्रह नक्षत्र सद जाये तो सारा जीवन सद जाये. इसलिये हनुमान की आराधना इन्सान की हर समस्या का हल है परन्तु हनुमान की आराधना के लिए मन एवं तन से इन्सान का शुद्ध होना जरूरी है अन्यथा अभीष्ट परिणाम नहीं मिलते है. एवं हनुमान जी के कोप का भी पात्र बनना पड़ता है.

ऐसा मंदिर जहाँ अविवाहित स्त्री पुरुष को मिलता है विवाह का आशीष

हनुमान जी का यह मंदिर झांसी के ग्वालियर रोड पर स्थित है. मंदिर के प्रमुख पुजारी कहते है कि इस मंदिर कि महिमा अपरंपार है. करीब 500 साल पुराने इस मंदिर में रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं.

क्या है इस मंदिर की खास बात?

आप की जानकारी के लिए बता दें की यहाँ आने वाले भक्तो में पुरुषो से ज्यादा महिलाओ की संख्या होती है जिनमे कुवांरी लडकियों की संख्या सब से ज्यादा होती है. ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी अपने मंदिर में आनेवाली हर माहिला भक्त को अपनी माँ के रूप में देखते हैं. आखिर मुद्रिका धारी हनुमान की कहानी भी तो माँ सीता से ही जुड़ी है. बताया जाता है कि इस मंदिर में दर्शन करने से सभी ग्रह बाधाओ के दूर होकर के अविवाहित युवक एवं युवतियों के लिये शीघ्र विवाह (vivah) के योग बनते है.

इस मंदिर की एक और बात आप को बता दें की अन्य मंदिरों की तरह यंहा पर किसी को भी भगवान् की प्रतिमा को छुने की इजाजत नहीं है आप को दूर से ही दर्शन करने पड़ते है. यहाँ पर भगवान् के श्रंगार का कार्य भी पुजारी ही करता है एवं हर मंगलवार एवं शनिवार भगवान हनुमान को चोला चडाया जाता है.

कैसे करते है यहाँ आराधना?

बाकि मंदिरों की तरह यहाँ भी ढोल, मंजीरों से भगवान हनुमान जी की आरती की जाती है. जोर शोर से भजनों का गान होता है. बड़े ही भक्ति भाव से भक्तजन हनुमान जी के आगे अपना सर झुकाते है और बजरंगबली का आशीर्वाद लेते है.  इस मन्दिर की मूर्ति में ही कुछ ऐसा आकर्षण है की दर्शन मात्र से मन भाव विहिल हो जाता है. हम ये महिमा झांसी के पास स्थित उस दिव्य मंदिर की है जहाँ पौ फटते ही भक्तो का जमावड़ा शूरू हो जाता है.

विवाह योग्य स्त्री पुरूष कैसे करे आराधना

बताते है की विवाह (vivah) की इच्छा पूर्ति के लिए यंहा पाँच मंगलवार के व्रत का विधान है. भक्तो को नियम पूर्वक पाँच मंगलवार के उपवास रखते हुवे यंहा दर्शन करने आना पड़ता है.

कहते है भगवान् हनुमान वैसे तो ब्रह्मचारी थे परंतु वे जिन प्रभु श्रीराम एवं माता सीता के भक्त थे वे लोग गृहस्थ ही थे. इसलिये जैसा की कुछ लोग मानते है की हनुमान की आराधना करने महीलाओ का जाना उचित नहीं है गलत है, क्यों कि माता सीता भी तो एक स्त्री ही थी. बता दें की इस मंदिर का नाम मुद्रिका हनुमान मंदिर है, यह नाम हमें वास्तव में उस घटना की याद दिलाता है जब हनुमान जी ने सीता माता को राम की पहचान स्वरुप मुद्रिका प्रस्तुत की थी.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here