अगर आप सोचते है की जो भी दुनिया में देखे जाने योग्य है वो सब आप देख चुके है. हम गारंटी के साथ कहते  है की ऐसा दावा आप कभी नहीं कर सकते. आज हम आपको देश की ही इसी कई अचरज भरी जगहों के बारे में बताएँगे जिन्हें जान कर आप अचम्भे से भर उठेंगे.  शायद लोग इसी लिए ही कहते है की भारत अचंभो का देश है. यह सब जान कर आप जरूर कह उठेंगे  सुनकर यकीन नहीं होता.

यकीन नही होता ये चीजें आज भी भारत में मौजूद हैं

जुडवाओ का नगर: केरल के मालाप्पुरम जिले में एक गावं पड़ता है, नाम है कोडिनी. जिसे देशभर में जुडवाओ के नगर के रूप में ख्याति प्राप्त है. मात्र २००० लोगो की छोटी सी जनसँख्या के बीच जुडवा लोगो के ३५० जोड़े सून कर किसी परी कथा का द्रश्य मन में बरबस ही आ जाता है. जानकारों के मुताबीक यदि १००० में ६ जोड़े जुडवाओ के जन्म लेते है तो इसे बड़ा आंकडा माना जाता है.

पर यंहा तो १००० में ४२ जुडवा बच्चे पैदा हो रहे है. मतलब ओसतन हर घर में २ से अधीक जुडवाओ के जोड़े मोजूद है.  ऐसा ही एक किस्सा मोहम्मदपुर उमरी गावं का है, जो की इलाहाबाद के पास पड़ता है. जहां प्रत्येक ९०० की जनसँख्या में ६० जोड़े जुडवाओ के पाए गए है. ऊमरी में जुडवा बच्चो के जन्म    की दर देश में जुडवाओ की दर से ३००% ज्यादा है. सुनकर यकीन नहीं होता.

ऊपर की तरफ खींचने वाला चुम्बकीय बल: करीब ११००० फुट की ऊँचाई पर चुम्बकीय पहाडी के नाम से मशहूर ये जगह लोगो के कोतूहल का विषय है. ऐसा कहा जाता है की इस पहाडी पर जाने वाली घाटी पर जब कार या अन्य चौपहिया वहान खड़ा करते है, तो वे ऊपर की और स्वतः चलने लगते है.

भले ही गाडी का इंजीन बंद कर रखा हो. सुनकर यकीन नहीं होता है. लेकिन जब कुछ शोधकर्ता वंहा गए तो पता लगा की वास्तव में ये द्रश्य भ्रम की एक भटना होती है. जो कुछ भी हो सेलानियो के लिये यह बेहद आनंद और रोमांच का विषय बना हुवा है.

वीसा वाले भगवान् का मंदिर: सुनकर यकीन नहीं होता पर ऐसा ही है. कुछ भगवान् आप की रक्षा करते है, कुछ आपको धन बल देते है.  आप को यकीन नहीं होगा की देश में भगवान् का एक मंदीर ऐसा भी है, जीसे वीसा वाले भगवान् का मंदीर कहा जाता है. ये मंदीर वीसा बालाजी मंदीर के नाम से प्रसीद्ध है.

अब यह होता है की विदेश जाने की इच्छा रखने वाले लोग वीसा के लिये इंटरव्यू देने के पहले यंहा आते है और बालाजी से मन्नत मांगते है. यदि मन्नत पूरी हो जाती है तो भगवान् के १०८ बार परिक्रमा लगाते है. हिन्दू धर्म के अलावा यंहा बड़ी मात्रा में अन्य धर्म के लोग भी आते है.

लाल वर्षा:  यकीन नहीं होता कि समुद्र तट पर स्थित केरल के इद्दुकी में अक्सर लाल रंग की वर्षा होती है. ये लाल वर्षा पहली बार १८१८ में रिकॉर्ड में आयी थी. इसके बाद इस घटना को बार बार नोटिस किया जाता रहा है. हिन्दू धर्म में यह घटना देवताओं की नाराजगी से जोड़ कर देखी जाती है. कहते है की यह घटना किसी आने वाले संकट की पूर्व सुचना होती है.

कुछ लोगो का कहना है कि निरही प्राणीयों की हत्याओ से नाराज हो कर भगवान् इसी बारीश कराता है. अभी वैज्ञानिक इस बारे में किसी नतीजे पर नहीं पहुचं सके है.

ऐसी अनेको अनेको जगह देश में मौजूद है जिन्हें देख कर यकीन नहीं होता की एसा कैसे हो सकता है. अन्य अचरज भरी घटनाओं की चर्चा करेंगे हम अगले अंक में करेंगे.

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